सहारनपुर। सीएम ग्रिड योजना के तहत स्मार्ट रोड बना रही कंपनी की फिर से लापरवाही पकड़ी गई है। नगर आयुक्त ने कंपनी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। यह वही कंपनी है, जिसे निर्माण कार्य में लापरवाही के चलते पिछले महीने ब्लैक लिस्ट करते हुए जमानत राशि जब्त कर ली गई थी। शासन में पहुंच के चलते कंपनी को 20 ही दिन में बहाल कर दिया गया था, लेकिन कंपनी की कार्यप्रणाली में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है।
दरअसल, नगर आयुक्त शिपू गिरि शुक्रवार को निर्माणाधीन स्मार्ट रोड का निरीक्षण करने पहुंचे थे। वह यह देखकर हैरान हुए कि सड़क पर काम चल रहा है, लेकिन निरीक्षण के दौरान न तो कंसलटेंट कंपनी का कोई सदस्य मौजूद था और न ही निर्माण कार्य कर रही कंपनी का अधिकारी या कर्मचारी। कंपनी का साइट आफिस भी नहीं मिला। नगर आयुक्त ने प्रोजेक्ट मैनेजर और स्टाफ से नक्शा, प्रोजेक्ट डिजाइन व प्रोजेक्ट रिपोर्ट के साथ जानकारी ली।
अनुबंध के अनुसार अभी तक क्या-क्या कार्य होना चाहिए था और कितना हुआ है इसकी जानकारी ली। उन्होंने मुख्य अभियंता निर्माण सुरेश चंद व अधिशासी अभियंता निर्माण आलोक श्रीवास्तव को निर्देश दिए कि वह यह देख लें कि मानक के अनुसार कार्य हो रहा है या नहीं। साथ ही सीएम ग्रिड की कंसलटेंट कंपनी एएनवी तथा सड़क निर्माण कार्य कर रही कंपनी डीएवी को नोटिस भेजने के निर्देश दिए।
नगर आयुक्त ने कंपनी के प्रबंध निदेशक से फोन पर बात कर नाराजगी व्यक्त की। नगर आयुक्त ने कहा कि कोई भी जिम्मेदार अधिकारी साइट पर नहीं है। अनुबंध के अनुसार पर्याप्त उपकरण और स्टाफ भी साइट पर नहीं है ऐसे कैसे काम चलीेगा। पार्षद अमित त्यागी ने सड़क के किनारे रखे ट्रांसफार्मर की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में फुटपाथ कैसे बन सकेगा।
व्यापारियों ने रखी समस्या
निरीक्षण के दौरान स्थानीय व्यापारियों और अन्य नागरिकों से नगर आयुक्त को बताया कि सड़क ऊंची बनाए जाने से दुकानें और मकानों का स्तर नीचा हो गया है। नगर आयुक्त ने मुख्य अभियंता निर्माण व जीएम स्मार्ट सिटी दिनेश सिंघल को समस्या का समाधान निकालने के निर्देश दिए। कहा कि यह मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना है। इसमें लापरवाही न हो।