सहारनपुर। पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल और इनके करीबियों द्वारा बनाई गई मुखौटा कंपनियों के जरिए 2010 में प्रदेश की बंद चीनी मिलें खरीदी गई थीं, मगर करोड़ों रुपये कीमत की मिलें खरीदने वाली कंपनियों के खातों से रुपयों का लेनदेन तक नहीं हुआ था। सीबीआई और गंभीर धोखाधड़ी अन्वेषण विभाग (एसएफआईओ) की जांच में इसका खुलासा हुआ था।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी इन तमाम बिंदुओं को लेकर जांच कर रहा है, जिसके तहत आरोपियों की संपत्ति का ब्योरा जुटाया गया है। पूर्व की जांच में यह पता चला था कि कंपनियों के बैलेंस शीट में दर्शाए कंपनी का नेटवर्थ, संपत्ति एवं दायित्व की रकम काल्पनिक थी। कंपनी के खातों में कोई वास्तविक लेनदेन नहीं हुआ था। यह भी सवाल है कि चीनी मिलों को खरीदने का पैसा कहां से आया।
दरअसल, चीनी मिलें खरीदने के मामले में 2017 में लखनऊ के गोमतीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। जिन कंपनियों के नाम से मिलें खरीदी गई थीं, उनमें मेसर्स नम्रता कंपनी प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स गिरियाशो कंपनी प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। इन कंपनियों में मो. जावेद पुत्र मोहम्मद इकबाल निवासी गांव मिर्जापुर पोल, राकेश शर्मा निवासी रोहिणी दिल्ली, धर्मेंद्र गुप्ता निवासी इंदिरापुरम गाजियाबाद, सौरभ मुकुंद निवासी साउथ सिटी सहारनपुर, सुमन शर्मा निवासी रोहिणी दिल्ली, मो. नसीम अहमद निवासी मिर्जापुर, मो. वाजिद पुत्र मोहम्मद इकबाल निवासी मिर्जापुर के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
इसी मामले को लेकर मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत केस दर्ज होने और सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ईडी जांच कर रहा है। सीबीआई भी जांच कर रही है तथा कई बार सीबीआई टीम छापा तक मार चुकी है। एक साल पूर्व भी सीबीआई ने हाजी इकबाल और इनके करीबी सौरभ मुकुंद के मकान पर छापा मारा था।
सूत्रों की मानें तो, प्रवर्तन निदेशालय ने सहारनपुर के बादशाहीबाग के निकट कई सौ एकड़ में बनी ग्लोकल यूनिवर्सिटी और मसूरी के होटल सहित पूरी संपत्ति का ब्योरा जुटा लिया है, इन संपत्तियों को ईडी कब्जे में ले सकती है।
- परिवार के कई सदस्यों के खिलाफ चल रही जांच
सहारनपुर। अवैध खनन और मुखौटा कंपनियों को लेकर अकेले हाजी इकबाल नहीं, बल्कि इनके परिवार के सदस्य भी जांच के दायरे में हैं। हाजी इकबाल का बेटा वाजिद भी पूर्व में दर्ज मामलों में आरोपी है। वहीं, इनके भाई बसपा एमएलसी महमूद अली और करीबी अमित जैन के खिलाफ अवैध खनन कर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के आरोप में एनजीटी (राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण) द्वारा 50-50 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उसको लेकर बीते छह अक्तूबर को ही खनन विभाग की संस्तुति पर प्रशासन ने आरसी जारी की थी। हालांकि आरसी जारी करने पर बसपा एमएलसी ने कोर्ट के स्थगन आदेश की अवमानना और उत्पीड़न बताया था।
- पूर्व एमएलसी ने ईमेल भेजकर शिकायत की
सहारनपुर। प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने जब बसपा के पूर्व एमएलसी के मकान पर छापा मारा तो, उसके कुछ देर बाद ही हाजी इकबाल ने प्रवर्तन निदेशालय के डायरेक्टर, केंद्रीय वित्त मंत्री सहित कई अधिकारियों को ईमेल के जरिये शिकायत भेजी। उसमें कहा कि इस मामले में हाइकोर्ट से स्थगन आदेश मिला हुआ है, बावजूद प्रवर्तन निदेशालय की टीम छापा मारने पहुंच गई। यह भी कहा कि टीम कुछ प्राइवेट लोगों के साथ दो तीन बैग लेकर मिर्जापुर स्थित उनके मकान में पहुंची और वहां लगे सीसीटीवी तोड़ दिए। आशंका जताई कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा सकता है।
सहारनपुर-- गांव मिर्जापुर में बसपा के पूर्व एमएलसी के मकान पर जांच करने पहुंची ईडी की टीम के वाहन।- फोटो : SAHARANPUR