सहारनपुर। मंडल के तीनों जिलों की 445 सहकारी दुग्ध विकास समितियां बंद होंगी। पिछले दिनों क्षेत्रीय दुग्धशाला अधिकारी के निरीक्षण में यह समितियां निष्क्रिय पाई गई हैं। इनमें कुछ ऐसी भी है कि जो कागजों में चल रही थी, लेकिन धरातल पर निष्क्रिय थी। निरीक्षण के रिपोर्ट के बाद इन्हें बंद करने की संस्तुति की गई है। बंदी के आदेश पर 15 दिन के अंदर आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया है।
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इस तरह करती है दुग्ध समिति काम
सहकारी दुग्ध उत्पादक समिति में पशुपालकों को सदस्य बनाया जाता है। इनमें से एक संचालक अथवा सचिव की जिम्मेदारी निभाता है। सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य पर भिन्न-भिन्न गुणवत्ता के दूध की खरीद की जाती है, जिसे डेयरी के सेंटर पर भेजा जाता है। वहां से यह दूध चिलिंग प्लांट में जाता है। संचालक को सवा दो से ढाई प्रतिशत की दर पर कमीशन का भुगतान होता है। सालाना लक्ष्य पूरा करने पर बोनस का भी प्रावधान है।
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सबसे अधिक मुजफ्फरनगर जिले की समिति
मंडल में जिन 445 दुग्ध समितियों को बंद करने की संस्तुति की गई है, उनमें सबसे ज्यादा 216 समितियां मुजफ्फरनगर की हैं। 158 समितियां सहारनपुर तथा सबसे कम शामली जिले की 71 समिति है। दुग्ध संघ अधिकारियों का तक है कि इन समितियों द्वारा लंबे समय से कार्य नहीं किया जा रहा है। कुछ संचालकों का कहना है कि अधिकारियों की उदासीनता के कारण भी समितियां निष्क्रिय हुई हैं। समिति दूध का भुगतान विलंब से करती है, जबकि पशुपालक को प्रत्येक सप्ताह रुपये की जरूरत होती है।
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केस नंबर एक
कंपनी ने खुद किया रूट बंद
दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति दल्हेड़ी के संचालक प्रमोद राणा ने बताया कि वह पिछले सात साल से समिति संचालित कर रहे थे, लेकिन डेढ़ साल पहले कंपनी ने उनका रूट बंद कर दिया। इसके बाद मजबूरी में उन्हें काम बंद करना पड़ा। उनकी तरह बड़गांव क्षेत्र की कई समितियां इसी वह से बंद हुई हैं। उनका कहना है कि अधिकारियों की उदासीनता इसके लिए पूरी तरह जिम्मेदार हैं।
केस नंबर दो
अधिकारी नहीं कर रहे सहयोग
दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति दतौली मुगल के सचिव डॉ. इंतजार बताते हैं कि उन्होंने करीब 15 साल तक समिति का संचालन किया है। पिछले एक साल से वह फिर से इसका संचालन करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अधिकारियों की तरफ से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है।
शासन ने दुग्ध समितियों की जांच कराई थी, जो लंबे समय से निष्क्रिय हैं उन्हें बंद करने की संस्तुति की गई है। मंडल में अभी 121 समितियों से दुग्ध की खरीद की जा रही हैं। इनमें मुजफ्फरनगर में 54, सहारनपुर में 50 और शामली में 17 समितियां से खरीद हो रही है।
- अशोक कुमार, महाप्रबंधक दुग्ध संघ मुजफ्फरनगर