सहारनपुर। किसानों के लिए खुशखबरी है। कंपनी बाग दशहरी, लंगड़ा और चौसा जैसी प्रजातियों के अलावा आम की नई और रंगीन प्रजातियों के पौधे भी उपलब्ध कराएगा। प्रतिवर्ष फल देने वाली यह प्रजातियां संकर एवं बौनी हैं। जो सघन बागवानी के लिए उपयुक्त हैं। अधिक और प्रतिवर्ष उत्पादन के चलते बागवानों के लिए यह प्रजातियां वरदान साबित होंगी। आकर्षक और सुगंधित होने के चलते बाजार में इनके फलों के भाव में बढ़िया मिलेंगे।
सहारनपुर कंपनी बाग में आम की सात नई और रंगीन प्रजातियों की पौध तैयार हो गई हैं। किसानों को इसे जुलाई में उपलब्ध कराया जाएगा। इनमें पूसा प्रतिभा को आम्रपाली और अमेरिकन सेंसेशन प्रजाति से तैयार किया गया है। यह नियमित फल देने वाली प्रजाति है। इसका फल लाल और गूदा नारंगी रंग का होता है। दशहरी की तुलना में यह तीन गुणा अधिक उत्पादन देती है। पूसा श्रेष्ठ का विकास भी आम्रपाली एवं सेंसेशन के क्रॉस से किया गया है। इसका फल लाल रंग का होता है। जो पकने के एक सप्ताह तक खराब नहीं होते। पूूसा लालिमा के फल भी लाल रंग के होते हैं। पूसा पितांबर के फल पीले रंग के और अपेक्षाकृत अधिक रसीले होते हैं। पूूसा अरुणिमा के फल लालिमा लिए हुए होते हैं। फलों का गूदा नारंगी रंग का होता है। पूसा सूर्या प्रजाति के फल सुनहरे पीले रंग के होते हैं। अंबिका प्रजाति के फलों का रंग पीला और गहरा लाल रंग की आभायुक्त होता है। इन प्रजातियों की खासियत है कि इनके पेड़ प्रतिवर्ष उत्पादन देते हैं। इसके फल मीठे और सुगंधित होते हैं। इनकी मांग घरेलू बाजार के साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढिया है। फल पकने के बाद करीब एक सप्ताह तक खराब नहीं होते।
अमेरिकन प्रजाति सेंसेशन के पौधे भी तैयार
कंपनी बाग में अमेरिका के फ्लोरिडा की दो प्रजातियों का ट्रायल किया गया। इनमें से टॉमी एटर्कन प्रजाति स्थानीय जलवायु में चल नहीं पायी, जबकि सेंसेशन प्रजाति का रिजल्ट अच्छा रहा। गत वर्ष करीब दो वर्ष के पौधे पर बढ़िया आकार के फल लगे। इसके चलते इसकी भी पौध तैयार की गई है। जिसे बागवानों को उपलब्ध कराया जाएगा। इसका कच्चा फल बैंगनी रहता है जो पककर लालिमायुक्त बैंगनी रंग का हो जाता है। इसके फल न सिर्फ सुगंधित होते हैं बल्कि स्वाद में भी लजीज हैं।
-कंपनी बाग में आम की नई और रंगीन प्रजातियों की पौध तैयार की गई है। बागवानों को इसे जुलाई माह में उपलब्ध कराया जाएगा। यह प्रजातियां सघन बागवानी के लिए उपयुक्त हैं। जो प्रतिवर्ष उत्पादन देती हैं। बढ़िया उत्पादन, आकर्षक रंग और अच्छी खुशबू के चलते बाजार में इसे अधिक पसंद किया जाएगा। जिससे बागवानों की आय में बढ़ोतरी होगी। -- बीपी राम, संयुक्त निदेशक औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र।
इन प्रजातियों की खासियत
- हर वर्ष फल, खाने में स्वादिष्ट
- बाजार में सामान्य से डेढ़ गुणा भाव
- महानगरों में अच्छी मांग
- देखने में आकर्षक एवं अधिक सुगंधित
जनपद में बागों का रकबा
फल क्षेत्रफल
आम 25000 हेक्टेयर
अमरूद 2650 हेक्टेयर
लीची 2600 हेक्टेयर
आडू 250 हेक्टेयर
नोट: उद्यान विभाग के आंकड़ों के अनुसार।
अमेरिकन प्रजाति सेन्सेशन का आम पौधे पर लगा बौर- फोटो : SAHARANPUR