स्वास्थ्य सेवाओं की अनदेखी और 9674 आशाओं के मानदेय भुगतान में लापरवाही पर सीएमओ मुजफ्फरनगर को कमिश्नर एमपी अग्रवाल की फटकार झेलनी पड़ी। कमिश्नर शुक्रवार को विकास कार्यों की समीक्षा बैठक ले रहे थे।
इतना ही नहीं, कमिश्नर ने सरकारी अस्पतालों में इलाज के नाम पर होने वाली उगाही और चिकित्सकों द्वारा बाहर से दवा लिखने पर नाराजगी जताते हुए सुधार के निर्देश सीएमओ को दिए।
सर्किट हाउस में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए कमिश्नर ने सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों को दिलाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। अस्पतालों में उगाही करने वालों तथा बाहर से दवा लिखने वाले चिकित्सकों को चिह्नित करने के निर्देश दिए।
सभी मुख्य विकास अधिकारियों को सरकारी अस्पतालों के औचक निरीक्षण कर व्यवस्था में सुधार लाने और जनपद में निर्माणाधीन विद्यालयों, पीएचसी और सीएचसी के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। निर्माण में मानकों का पालन न करने वाली एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा। हैंडपंपों की स्थापना के बाद उनका
सत्यापन करने की बात कही। राजस्व वसूली में तेजी लाने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए। आबकारी विभाग द्वारा लक्ष्य से कम वसूली पर नाराजगी व्यक्त की। आवासीय एवं कृषि भूमि के आवंटन के लिए समय सारणी बनाकर भूमियों को पात्र लाभार्थियों के बीच आवंटित कराने के निर्देश दिए। बैठक में डीएम शफक्कत कमाल, डीएम मुजफ्फरनगर दिनेश कुमार सिंह, डीएम शामली सुजीत कुमार, सीडीओ दीपक मीणा, अपर आयुक्त डॉ. आभा गुप्ता आदि रहे।