सहारनपुर। शहर की सड़कें अब रात को भी चकाचक मिलेंगी, इसके लिए रात्रि सफाई अभियान शुरू किया जाएगा। शहर के एमआरएफ सेंटरों की संख्या बढ़ाकर 20 की जाएगी और उन पर तथा कूड़ाघरों पर कैमरे लगाए जाएंगे। लोगों को स्वच्छता के प्रति प्रेरित करने के लिए वार्डों में स्वच्छता अंबेसडर बनाए जाएंगे। इसके अलावा स्वच्छता में अग्रणी भूमिका निभाने वाले दुकानदारों, नागरिकों, बाजार एसोसिएशन, स्कूल-कॉलेजों, स्वयं सेवी संगठनों, मोहल्ला कमेटियों को भी पुरस्कृत किया जाएगा।
सोमवार को नगर निगम में स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने उक्त जानकारी दी। नगरायुक्त ने नागरिकों आह्वान किया कि वह अपने शहर को स्वच्छ बनाने के लिए आगे आएं और नगर निगम के साथ मिलकर इस दिशा में रचनात्मक योगदान दें। उन्होंने कहा कि इंदौर यदि स्वच्छता में आज नंबर एक है तो उसे वहां के नागरिकों ने नंबर एक बनाया है। यदि सहारनपुर के नागरिक भी अपने अपने घर, दुकान और मोहल्ले का स्वच्छ रखने का संकल्प लें तो सहारनपुर भी पूरे देश में नंबर वन आ सकता है। नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि जो भी लोग स्वच्छता के क्षेत्र में निगम के साथ आगे आकर रचनात्मक सहयोग देंगे उन्हें निगम द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कुनाल जैन व आईटी अधिकारी को निर्देश दिए कि वे सभी कूड़ाघरों और एमआरएफ सेंटरों पर कैमरे लगाने की व्यवस्था कराएं, ताकि यह पता चल सके कि किस कूड़ाघर से कूड़ा उठा है या नहीं। उन्होंने कहा कि दो बजे के बाद जो भी कूड़ाघरों पर कूड़ा डालता पाया जाएगा उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने कहा स्वच्छता सबका काम है और सबके लिए है। बैठक में मुख्य सफाई निरीक्षक चंद्रपाल, सफाई निरीक्षक अमित तोमर, सुधाकर, आनंद, महेश सिंह राणा, राजवीर, सोमकुमार, मनोज कुमार के अलावा आईटीसी मिशन सुनहरा कल के पामीश, उमंग के मयंक पांडेय, फोर्स के मोहम्मद अर्श आदि शामिल रहे।
स्वच्छता अंबेसडर बनाए जाएंगे
सहारनपुर। नगरायुक्त ने वार्ड स्तर पर स्वच्छता अंबेसडर बनाये जाने तथा मोहल्ला स्तर पर स्वच्छता कमेटियों को सक्रिय कर सहयोग लेने के भी निर्देश दिए। उन्होंने आईटीसी मिशन सुनहरा कल के प्रोग्राम मैनेजर से घरों से कूड़ा लेने वाले कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने को भी कहा ताकि शत-प्रतिशत घरों से गीला सूखा कूड़ा अलग अलग लिया जा सके।