सहारनपुर। सिगरेट, बीड़ी और पान मसाला को बेचने की अनुमति देने की मांग को डिस्ट्रिक्ट सहारनपुर, डिस्ट्रिब्यूटर एसोसिएशन से जुड़े व्यापारियों ने डीएम को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि व्यापार बंद होने से सैकड़ों डीलर और हजारों दुकानदार परेशान हैं।
मंगलवार को डीएम को सौंपे ज्ञापन में उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से ज्ञात हुआ है कि उनके व्यापार से संबंधित दुकानों को खोलने की अनुमति केंद्र और प्रदेश सरकार ने दे दी है। इसलिए संगठन के पदाधिकारी और सदस्य अपना व्यापार खोलने की अनुमति चाहते हैं। उन्होंने कहा कि संस्था से जुड़े सभी व्यापारी कोविड-19 से संबंधित सभी निर्देशों का पालन करेंगे। सोशल डिस्टेंसिंग के लिए दुकानों के बाहर गोले बनाने, सार्वजनिक स्थान पर थूकने से मना करना और सैनिटाइजर का प्रयोग करने को लेकर अपने स्टाफ और ग्राहकों को प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पान मसाला पर 28 प्रतिशत जीएसटी, और 60 फीसदी सेस, बीड़ी पर 28 प्रतिशत जीएसटी और सिगरेट पर 28 फीसदी जीएसटी और 150 प्रतिशत सेस लगा हुआ है। जिसे व्यापारी सरकार के खाते में जमा कराता है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन में करीब 70 दिनों से इससे जुड़ा व्यापारी बेरोजगारी से जूझ रहा है। बिक्री बंद होने से पान की दुकान से अपनी आजीविका चलाने वाला छोटा दुकानदार आज भुखमरी के कगार पर खड़ा हो गया है। उन्होंने जिलाधिकारी से सिगरेट, बीड़ी और पान मसाला की बिक्री की अनुमति देने की मांग की। इस दौरान उत्तर प्रदेश व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य दिनेश सेठी, एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन मक्कड़, राकेश गांधी, शंकर बत्रा, प्रदीप कुमार, रतन कुमार, जगदीप आदि रहे।
डीएम को सौंपा एक लाख एक हजार रुपये का ड्राफ्ट
फोटो संख्या-07
सहारनपुर। मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए डिस्ट्रिक्ट सहारनपुर डिस्टिब्यूटर एसोसिएशन ने एक लाख एक हजार रुपये का ड्राफ्ट डीएम को सौंपा। उन्होंने कोविड-19 की रोकथाम में डीएम के प्रयासों की सराहना भी की। उत्तर प्रदेश व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य दिनेश सेठी, नवीन मक्कड़, शंकर बत्रा, राकेश गांधी आदि रहे।