संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। साहब, पुरुष लोग दूध बेचने के लिए देहरादून चले जाते हैं। बच्चे घर पर रहकर पशुओं की देखभाल करते हैं। ऐसे में हम उन्हें विद्यालय नहीं भेज सकते हैं। यह बात वन गुर्जरों के परिवारों की महिलाओं ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंबरीष कुमार से कही। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी स्कूल चलो अभियान के तहत बृहस्पतिवार को शिवालिक वन क्षेत्र के वन गुर्जरों के डेरों पर वन गुर्जरों को उनके बच्चों का विद्यालय में नामांकन कराकर प्रतिदिन विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित करने पहुंचे थे।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने मुजफ्फराबाद ब्लॉक के शिवालिक क्षेत्र में गांव फतेहपुर पेलियो, कालूवाला और जहानपुर में हाउस होल्ड सर्वे का सत्यापन किया। इस दौरान उन्होंने वन गुर्जरों के नो आउट ऑफ स्कूल बच्चों का प्राथमिक विद्यालय फतेहपुर पेलियो में नामांकन कराया। उन्होंने वन गुर्जरों के डेरों पर जाकर संपर्क करने का प्रयास किया। वहां केवल महिलाएं मिलीं। उन्होंने अपने बच्चों को विद्यालय भेजने से इनकार कर दिया। इस दौरान बीएसए ने महिलाओं को शिक्षा का महत्व समझाया। साथ ही परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को मिलने वाली खेलकूद सामग्री, यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, जूते, स्वेटर, किताब, मिड-डे मील जैसी सुविधाओं की जानकारी दी।
बिन मान्यता चल रहा मदरसा बंद कराया
बीएसए अंबरीष कुमार गांव फतेहपुर पेलियो में नदी किनारे संचालित दार उल कुरान मदरसा पहुंचे। उन्हें मदरसा बिना मान्यता संचालित मिला। मदरसेे के ट्रस्टी पर जुर्माना लगाने और उनके विरुद्घ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश खंड शिक्षा अधिकारी को दिए। इस दौरान जिला कोर्डिनेटर कृपाल मलिक, वेदप्रिय आर्य, सुखपाल सिंह, नूतन वर्मा, विवेक कुमार, सुभाष कुमार आदि मौजूद रहे।