स्वच्छता ही सेवा अभियान के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने पर ग्राम उग्राहू की प्रधान राजबाला को मुख्यमंत्री द्वारा गांधी जयंती पर लखनऊ के सचिवालय स्थित तिलक हॉल में सम्मानित किया जाएगा।
ग्राम उग्राहू की प्रधान राजबाला पहली बार गांव की प्रधान बनीं और उन्होंने गांव में स्वच्छता के लिए समर्पित होकर अभियान चलाया। न सिर्फ गांव को पूरी तरह स्वच्छ किया बल्कि जिले ही नहीं आसपास के जिले के लिए मिसाल कायम कर दी। ग्राम प्रधान राजबाला के पुत्र अरुण प्रताप सिंह ने बताया कि उनके पिता स्वर्गीय मदन सिंह राणा 1988 में ग्राम प्रधान रहे। उसके बाद सामान्य सीट पर उनकी मां चुनाव जीतीं हैं।
उन्होंने बताया कि दस हजार की आबादी वाले गांव को पूरी तरह से ओडीएफ करा दिया गया है। विशेष सफाई अभियान चलाकर गांव से करीब ढाई सौ ट्राली कूड़ा बाहर करवाया गया है। गांव के आसपास कूड़ी समाप्त कर दी गई। ग्राम पंचायत की ओर से फागिंग मशीन खरीद कर पूरे गांव में इस सीजन में ही करीब 20-22 बार दवा का छिड़काव कराया गया।
उन्होंने बताया कि यह पहला गांव है जहां सफाईकर्मी घर-घर जाकर कूड़ा लेकर जाता है और गांव से बाहर डालता है। गांव के साथ दो मजरे भरतपुर और माजरी भी हैं। गांव का सरकारी प्राइमरी स्कूल अब कान्वेंट को भी मात दे रहा है। ग्राम प्रधान ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया जाना उनके लिए गौरव की बात है।
जिला पंचायत राज अधिकारी सतीश कुमार ने बताया कि स्वच्छ भारम मिशन के तहत गांवों में चलाए गए स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत ग्राम उग्राहू को सबसे साफ माना गया। पूरी तरह से ओडीएफ हो चुके गांव में सफाई के आधार पर दिल्ली से पहुंची एक टीम ने निरीक्षण कर गांव का नाम पुरस्कार के लिए भेजा था। लखनऊ से ग्राम उग्राहू की प्रधान का नाम सम्मान के लिए चयनित किया गया है।