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आयोजनों से पहले शांति व्यवस्था की चुनौती

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सहारनपुर। संत रविदास जयंती पर शोभायात्रा से लेकर अन्य कार्यक्रमों के आयोजन की तैयारी शुरू हो चुकी है। मगर इन आयोजनों से पहले ही पुलिस प्रशासन के सामने शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती रहेगी। दरअसल, कुछ जगहों पर आयोजनों से पहले ही दलित संगठन पुलिस प्रशासन के रवैये को लेकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। उनका कहना है कि परंपरागत रूप से आयोजनों में कोई अनावश्यक दखल बर्दाश्त नहीं होगा।
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शब्बीरपुर मामले में हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वाले सुदेश कुमार, मनवीर सिंह, श्रीकांत सहित अन्य का कहना है कि इस गांव में वर्ष 1978 से परंपरागत मार्ग से शोभायात्रा निकाली जा रही है। उन्होंने कहा कि आठ फरवरी को वे परंपरागत मार्ग से शोभायात्रा निकालेंगे। यदि पुलिस प्रशासन और असामाजिक तत्व इसमें अवरोध करेंगे तो मौलिक अधिकारों के हनन के साथ ही संविधान के प्रावधानों के अनुरूप आगे कदम उठाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कि वर्ष 2017 में हुई जातीय हिंसा के बाद से पुलिस प्रशासन दूसरे पक्ष को अधिक तवज्जो देता रहा है। यदि शोभायात्रा या अन्य आयोजन को प्रभावित किया गया तो अफसरों के खिलाफ भी सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे। इनके अलावा दिनेश कुमार, अमरीश, अनिल कुमार, श्याम सिंह, प्रदीप, कपिल देव, सतपाल, अमरजीत, फकीर चंद, ब्रिजेश, राजकुमार आदि ने भी आयोजन में कोई अवरोध सहन न करने की चेतावनी दी।
शहर से देहात तक शुरू हुई तैयारियां
संत रविदास जयंती पर आठ फरवरी से शुरू होने वाले कार्यक्रमों से पहले ही शहर से देहात तक तैयारियां शुरू हो गई हैं। शहर के हसनपुर, ओजपुरा, लक्कड़ माजरा, जाटव नगर, गढ़ी मलूक सहित अन्य क्षेत्रों में संत रविदास मंदिरों और आसपास साज-सजावट शुरू कर दी गई है। जुलूस आदि के लिए गली-मोहल्लों की कमेटियों से संपर्क किया जा रहा है।
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प्रेम और सौहार्द से आयोजन की अपील
एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है कि सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस की टीमें शांति समिति की बैठकें आयोजित कर प्रेम और सौहार्द के साथ आयोजन करने की अपील कर रही है। उन्होंने कहा कि त्योहारों में शांति व्यवस्था में कोई अवरोध न हो। इसी पर जोर दिया जा रहा है।
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