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कोरोना का वार, कारोबार पर करोड़ों की मार

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कोरोना का वार, कारोबार पर करोड़ों की मार
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सहारनपुर। चीन से शुरू हुए कोरोना वायरस के कहर का असर अब कारोबार पर पड़ना शुरू हो गया है। चीन से वायु और समुद्री मार्ग से दिल्ली या मुंबई तक माल की आवाजाही बाधित होने के कारण जिले में भी विश्वविख्यात वुडकार्विंग उत्पादों से लेकर मोबाइल, इलेक्ट्रानिक्स आइटम्स, कॉस्मेटिक, शूज, खेल-खिलौने और गिफ्ट आइटम्स से लेकर अन्य तरह के कारोबार को करोड़ों की चपत लगी है। स्टॉक के होल्ड होने और आइटम्स की कीमतें बढ़ने से इस महीने में 30 करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
इस संबंध में अलग-अलग श्रेणी के कारोबारियों से बातचीत की तो उन्होंने माना कि कोरोना वायरस का व्यापार पर बुरा असर पड़ रहा है और हालात सामान्य न होने पर आने वाले दिनों में इसका असर और ज्यादा होगा, क्योंकि पुराने आर्डर का माल खत्म हो जाएगा।
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इन हालात में करोड़ों की चपत तय : मनोचा
सहारनपुर व्यापार मंडल के अध्यक्ष और कास्मेटिक कारोबारी विवेक मनोचा कहते हैं कि कास्मेटिक, खिलौने और गिफ्ट आइटम्स मिलाकर हर माह करीब 30 करोड़ का कारोबार होता है। स्टॉक रुकने, माल महंगा होने और सप्लाई न होने जैसे कारणों से इस महीने इन्हीं आइटम्स का कारोबार 20 करोड़ रुपये से अधिक तक प्रभावित होगा।
चिप, पैन ड्राइव से लेकर ईयर फोन तक हुए महंगे
मोबाइल कारोबार से जुड़े होलसेल व्यापारी प्रवीण तनेजा कहते हैं कि कोरोना वायरस के कारण चीन से दिल्ली और मुंबई के स्टॉकिस्टों के पास आने वाला सामान रुक गया है। इसके चलते करोल बाग से लेकर अन्य क्षेत्रों के स्टॉकिस्टों ने 20 से 25 प्रतिशत तक रेट बढ़ा दिए हैं। इसके चलते चिप, पैन ड्राइव से लेकर ईयर फोन तक महंगे हो गए हैं। इससे बाजार पर बड़ा असर पड़ा है। सामान्य दिनों में ही समुद्री रास्ते से सामान आने के कारण आर्डर देने के कारण 40 दिन बाद माल पहुंचता है। वायु मार्ग से माल मंगाने पर यह एक सप्ताह में तो आ जाता है मगर इसका खर्च तीन गुना तक बढ़ जाता है। दिल्ली और मुंबई के सप्लायरों ने बताया है कि अब 20 फरवरी के बाद ही आगे की सप्लाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
चीन के रॉ मैटीरियल पर निर्भर है कारोबार
वरिष्ठ मोबाइल कारोबारी दानिश आजम कहते हैं कि मोबाइल इंडस्ट्री और कारोबार चीन के रॉ मैटीरियल पर ही निर्भर है। जिले में करीब 10 से 15 करोड़ रुपये का कारोबार हर माह होता है। यहां होलसेल की 100 और रिटेल की करीब 250 दुकानें हैं। स्टॉक रुकने और माल महंगा होने के कारण करीब एक करोड़ का कारोबार अब तक प्रभावित हो चुका है। इसलिए जल्द हालात सामान्य हो तो ही बेहतर है।
आर्डर तक नहीं ले रहे स्टॉकिस्ट
चाइनीज जूतों की बिक्री करने वाले व्यापारी गौरव कुमार बताते हैं कि तीन दिन से तो दिल्ली और अन्य जगहों पर बैठे स्टॉकिस्ट आर्डर तक नहीं ले रहे हैं। 1250 रुपये की कीमत वाला माल 1800 रुपये तक बताया जा रहा है। यही नहीं 2500 रुपये की कीमत वाले माल के आर्डर 5000 रुपये तक में दिए जा रहे हैं। इसलिए अब तो बाजार के फिर सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैैं।
माहौल देखकर महंगे कर दिए आइटम्स
जूूूता कारोबारी राजू कहते हैं कि कोरोना वायरस के असर और माल की आवाजाही को देखते हुए स्टॉकिस्टों ने पहले ही आइटम्स के रेट बढ़ा दिए हैं। सप्लाई कम और कीमत अधिक होने से आर्डर ब्लॉक हुए हैं। पूरे जिले में कम से कम डेढ़ करोड़ का कारोबार इससे प्रभावित हुआ है।
अभी कम, अगले महीनों में ज्यादा होगा असर
वुडकार्विंग उत्पादों के एक्सपोर्टर आरिफ खान कहते हैं कि अन्य देशों के साथ चीन में भी हर साल 50 से 70 करोड़ का कारोबार होता है। इस माह तो पुराने आर्डर के अधिक आइटम्स की डिलीवरी क्लीयर हो चुकी है। मगर यदि हालात सामान्य न हुए और डॉलर की कीमतों पर असर पड़ा तो निश्चित रूप से दो से तीन करोड़ रुपये तक के आर्डर प्रभावित हो सकते हैं।
असर तो है... खुशी यह कि कुछ तो इंडियन बिकेगा
शहर में बैग्स और अन्य आइटम्स बेचने वाले राजेश तनेजा कहते हैं कि चाइनीज माल के रुकने का असर तो हो रहा है मगर खुशी यह है कि कुछ ही दिन सही मगर इंडियन आइटम्स की मांग तो बढ़ेगी।
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शादियों पर भी पड़ेगा असर
लेडीज आइटम्स की बिक्री करने वाले संजीव कुमार बताते हैं कि इन दिनों शादियों का सीजन चल रहा है। हर तरह के आइटम्स की खरीद होती है। ऐसे में शादियों की तैयारी करने वालों पर भी इसका कुछ असर पड़ रहा है। लेडीज पर्स, लेडीज बैग से लेकर अन्य आइटम्स कुछ महंगे हुए हैं।
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