साढ़ौली कदीम। गेहूं खरीद में साढ़ौली कदीम क्षेत्र के कुछ क्रय केंद्र कर्मचारियों की लापरवाही के चलते पिछड़ रहे हैं। क्रय केंद्रों पर किसान गेहूं तौल कराने के लिए लगातार चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कर्मचारी औपचारिकता एवं मानकों का हवाला देते हुए उन्हें टरका रहे हैं।
विकास खंड साढ़ौली कदीम के अंतर्गत सरकार ने किसानों से गेहूं खरीदने के लिए साढ़ौली कदीम, कादरपुर, हरिपुर, गंदेवड़ व कांसेपुर आदि पांच गेहूं क्रय केन्द्रों को संचालित किया है। सभी क्रय केन्द्रों को एक अप्रैल से क्षेत्र के किसानों की गेहूं तौल करने के आदेश जारी किए गए थे। बावजूद इसके कुछ क्रय केन्द्रों पर कर्मियों की लापरवाही के चलते गेहूं तौल नहीं कराया गया। इससे परेशान होकर किसान अपनी गेहूं की फसल को व्यापारियों या पड़ोसी राज्य हरियाणा की मंडियों में बेचने को बाध्य हो रहे हैं। क्रय केंद्र संचालन के 27 दिन बीतने के बावजूद भी गंदेवड़ में संचालित गेहूं क्रय केन्द्र पर मात्र पांच कुंतल गेहूं की खरीद हो पायी है। केंद्र प्रभारी अनुराधा मिश्रा के अनुसार वह अभी आवश्यक कार्य से अवकाश पर हैं। सोमवार शाम तक कांसेपुर क्रय केन्द्र पर 750 क्विंटल, कादरपुर में 2190 क्विंटल, हरिपुर में 1853 क्विंटल व साढ़ौली कदीम में 506 क्विंटल गेहूं का तौल हो पाया है।
किसान विजय कुमार, रवि कुमार, ब्रिजेश कांबोज , मेघराज सिंह, योगेंद्र सिंह, सर्वेश कुमार, नितिन सिंह, सुखपाल, राकेश कुमार, राजेश, आमिर चौहान, अफजाल पोसवाल, चौ. माजिद, इमरान, हाजी यूसुफ आदि का कहना है कि वह लंबे समय से अपनी गेहूं तौल कराने को क्रय केन्द्रों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन विभागीय कर्मी पंजीकरण के बावजूद भिन्न भिन्न औपचारिकताएं बता उनकी फसल का तौल नहीं कर उन्हें टरका रहे हैं। कर्मियों की लापरवाही के चलते उन्हें मजबूरन अपने गेहूं को कम दामों पर प्राइवेट व्यापारियों को बेचने को बाध्य होना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि पड़ोसी राज्य हरियाणा की तरह राज्य सरकार को किसान हित में जनपद में मंडियों की स्थापना करनी चाहिए। ताकि किसान अपनी फसल को समय से आसानी से बेच सके।