देवबंद। वक्फ की 36 बीघा भूमि बेचने के आरोप में सांसद इमरान मसूद के प्रतिनिधि सहित पांच आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पूर्व में आरोपी की ओर से भी दस के खिलाफ केस दर्ज कराया था, जिसकी जांच चल रही है।
जिले में वक्फ की संपत्तियों को लेकर आए दिन गड़बड़झाले के मामले सामने आ रहे हैं। देवबंद कोतवाली में मेरठ निवासी शहजाद उर्फ पप्पू मियां ने केस दर्ज कराया है। शहजाद ने निवर्तमान मुतवल्ली इस्माइल हुसैन, रईस अहमद और मौजूदा मुतवल्ली व सांसद इमरान मसूद के प्रतिनिधि अहमद अली, मुख्तार अहमद, नूर अहमद पर 36 बीघा भूमि धोखाधड़ी से बेचने का आरोप लगाया था। इसमें 12 बीघा भूमि कब्रिस्तान की है, जबकि बाकी भूमि पर खेती होती है। आरोप लगाया कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आरोपियों ने भूमि बेची है। शहजाद उर्फ पप्पू मियां का कहना है कि मामले की शिकायत एसएसपी से की गई थी। तब यह केस दर्ज हुआ है।
वहीं, सांसद प्रतिनिधि अहमद अली ने पूर्व में दस आरोपियों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें बताया था कि वर्तमान में वक्फ भूमि पर पांच वर्ष से मुतवल्ली है। बीते वर्ष शहजाद उर्फ पप्पू, ताज अहमद, शिव कुमार, मनोज कुमार, गुरदीप सिंह, मेराज मियां, मोहम्मइ अहतेशाम, मोहम्मद ऐजाजुलहक, इकबाल और आशु मलिक के खिलाफ धोखाधड़ी की केस दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि ताज मियां, मेराज मियां और शहजाद सगे भाई हैं। इन्होंने वक्फ भूमि खुद की बताते हुए अहतेशाम, शिव कुमार, मनोज कुमार, मोहम्मद ऐजाजुलहक, इकबाल, आशु मलिक और गुरदीप सिंह के साथ मिलकर इकरानामा कर दिया, लेकिन भूमि पर पहले से मस्जिद, कब्र, मजार भी बनी है।
उधर, अहमद अली का कहना है कि क्षतिग्रस्त मस्जिद का निर्माण 2010 से 2015 के बीच कराया गया था। इसके बाद से आज तक भूमि पर कोई नवनिर्माण नहीं हुआ है। वह 2019 मुतव्वली बने थे और कार्यभार संभाला था। तब, उन्होंने बैनामा देखा और कैंसिल कराने के लिए लिए प्रार्थना पत्र दिया था। मामला अदालत में विचाराधीन है।