- मेरठ के सरधना तहसील के गांव सकौती निवासी उत्कर्ष पंवार ने की शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। जनपद में बड़ी संख्या में ईंट भट्ठे संचालित हो रहे हैं। एनजीटी ने सहारनपुर में मार्च से जून के बीच ही भट्ठे चलाए जाने के आदेश दिए हैं, लेकिन वर्तमान में भी भट्ठों की चिमनियां धुंआ उगल रहीं हैं।
मेरठ के सरधना तहसील क्षेत्र के गांव सकौती निवासी उत्कर्ष पंवार ने क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी को स्पीड पोस्ट से भेजे शिकायती पत्र में बताया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के 19 दिसंबर 2025 को जारी आदेश के अनुसार सहारनपुर में ईंट भट्ठों का संचालन एक मार्च से 30 जून तक ही किए जाने के आदेश दिए हैं। इसके बावजूद सहारनपुर में सर्दियों के मौसम में भी ईंट भट्ठे संचालित किए जा रहे हैं।
उत्कर्ष ने क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहारनपुर पर एनजीटी के आदेशों को उल्लंघन कर संचालित हो रहे ईंट भट्ठों को बंद कराने तथा एनजीटी के आदेशों का पालन कराने की मांग की। आरोप लगाया कि भट्ठों के निकल रहे धुएं के चलते न सिर्फ जनपद सहारनपुर बल्कि उससे सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के मेरठ, मुजफ्फरनगर और शामली जिलों का वातावरण भी प्रदूषित हो रहा है। इसका सीधा दुष्प्रभाव दमा व हृदय रोगियों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं एवं शिशुओं के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है।
शिकायकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि सहारनपुर में कहीं भी प्रदूषण मापक यंत्र नहीं लगाया गया है। इसके चलते लोगों को वायु की गुणवत्ता के बारे में सही जानकारी न देकर गुमराह किया जाता है। बता दें कि प्रदूषण नियंत्रण विभाग दीपावली के आसपास ही शहर में प्रदूषण मापक यंत्र लगाकर वायु की गुणवत्ता मापता है।
- ईंट निर्माता समिति ने एनजीटी में शपथ पत्र देकर प्रतिवर्ष मार्च से जून तक भट्ठा संचालन की बात स्वैच्छिक रूप से स्वीकार की थी। एनजीटी ने अपने आदेश में ईंट निर्माता समिति को अपने शपथ पत्र का पालन करने के लिए निर्देशित किया है। -योगेंद्र कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड