देवबंद के गुनारसा गांव में हुई बैठक में उपस्थित ब्राह्मण समाज के लोग। स्रोत-ग्रामीण
देवबंद। गुनारसा गांव में ब्राह्मण समाज की बैठक का आयोजन हुआ। इसमें सर्वसम्मति से मृत्यु भोज फिजूलखर्ची बताते हुए इसके बहिष्कार का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही यह भी तय हुआ कि किसी दूसरे के यहां भी मृत्यु भोज के आयोजन में नहीं जाएंगे।
शनिवार को पंडित जगदीश शर्मा के यहां हुई बैठक में विचार विमर्श के बाद फैसला लिया गया कि अब से गांव में ब्राह्मण समाज मृत्यु भोज नहीं देगा और न ही अन्य किसी के यहां मृत्यु भोज के लिए जाएंगे। समाज के पंडित सुनील शर्मा, पंडित रामकुमार शर्मा, पंडित मुकेश शर्मा ने संयुक्त रूप से कहा कि मृत्यु भोज एक फिजूलखर्ची है। क्योंकि मृत्यु शोक का विषय होता है, जिस पर इस तरह के भोज देना सरासर गलत है।
उन्होंने कहा कि मृत्यु भोज जबरदस्ती थोपा गया आयोजन है, जिसे पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया जाना ब्राह्मण समाज के द्वारा ही संभव है। उन्होंने यह अन्य जातियों के लोगों से भी मृत्यु भोज न देने का आह्वान किया और कहा कि इस प्रकार के आयोजनों में ब्राह्मणों को आमंत्रित न करें। इस मौके पर आदेश शर्मा, प्रमोद शर्मा अंकित शर्मा, संजय शर्मा, जितेंद्र, सतेंद्र शर्मा, डिंपल शर्मा आदि मौजूद रहे।