सहारनपुर। डूडा कर्मी विक्रांत की हत्या करने के बाद शव को करीब 100 किलोमीटर दूर सहारनपुर के बड़गांव में लेकर पहुंचे थे। लिंक नहर में शव फेंकने के बाद वापस भी लौटे। सवाल यह है कि इस बीच रास्ते में पुलिस ने उनकी कार की कहीं पर भी चेकिंग की गई।
विक्रांत की हत्या 15 अप्रैल को बागपत में उसके प्रेमिका राखी कश्यप, भाजपा नेता सुधारस चौहान और कपिल चौहान ने गोली मारकर दी थी। इसके बाद शव को सुधारस ने अपने फ्लैट में रखा था। हत्या करने के बाद वह ऐसी जगह तलाश कर रहे थे, जहां पर शव को फेंका जा सकें। उन्होंने आसपास शव को फेंकना मुनासिब नहीं समझा। सुधारस, राखी और कपिल तीनों कार में विक्रांत का शव डालकर सीधे सहारनपुर के बड़गांव क्षेत्र में पहुंचे। 16 अप्रैल को शव लिंक नहर में फेंक दिया, जो अगले दिन यानी 17 अप्रैल को बरामद हुआ।
हैरानी की बात यह है कि जब वह शव लेकर आ रहे थे तो कहीं पर रास्ते में उनकी कार को नहीं रोका गया, जबकि रात के समय पुलिस सक्रिय रहती है और वाहनों की चेकिंग भी होती रहती है। करीब 100 किलोमीटर की दूरी में आरोपियों की कार नहीं रुकी। इस वारदात को अंजाम देने के बाद राखी को भी सहारनपुर में ही लाकर मारा गया। इस दोहरे हत्याकांड में अंतर बस इतना है कि विक्रांत की हत्या बागपत में की गई, जबकि राखी की सहारनपुर में लाकर हत्या की गई।