सहारनपुर। भाजपा पिछले कुछ समय से लगातार चर्चाओं में है। कई बार अंदरूनी कलह सामने भी आ चुकी है। ऐसे समय में मुख्यमंत्री के आगमन पर पदाधिकारियों से लेकर कार्यकर्ताओं में भी बेचैनी बनी है। मुख्यमंत्री जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे। मुख्यमंत्री के सामने भी संगठन की अंदरूनी कलह आ सकती है।
चार अगस्त को मुख्यमंत्री का जिले में आगमन हो सकता है। हालांकि अभी तक कार्यक्रम का शेड्यूल जारी नहीं हुआ है, लेकिन जिला प्रशासन से लेकर भाजपा पदाधिकारियों ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिले में भाजपा के अंदर सबसे ताजा मामला पार्षद दल के नेता को लेकर है, जिसमें पार्टी के पदाधिकारी भी एक राय नहीं हो पा रहे। दरअसल, पार्षद दल के नेता संजय गर्ग को हटाकर जून माह में महापौर ने पार्षद दिग्विजय सिंह को पार्षद दल का नेता बना दिया था। यह मामला काफी चर्चाओं में रहा। इसके बाद संगठन के कोर ग्रुप की बैठक हुई। इसमें पार्षद दल के नेता के तौर पर मुकेश गक्खड़ के नाम पर सहमति बनी।
महानगर अध्यक्ष शीतल बिश्नोई की तरफ से मुकेश गक्खड़ को पत्र भी जारी कर दिया गया। यहीं से खींचतान शुरू हो गई। दोनों ही खुद को पार्षद दल का नेता होने का दावा करते हैं। हालांकि पिछले दिनों एक प्रेस कांफ्रेंस में महानगर प्रभारी वाईपी सिंह से इस बिंदु पर सवाल पूछा तो उन्होंने पार्षद दल का नेता मुकेश गक्खड़ को बताया, लेकिन महापौर अधिकतर दिग्विजय सिंह के साथ नजर आते हैं। शिवभक्तों पर पुष्पवर्षा से लेकर व्यापारियों के साथ हुई बैठक में भी दोनों साथ नजर आए थे। अब देखने वाली बात यह है कि संगठन में चल रही खींचतान मुख्यमंत्री के सामने आती है या फिर नहीं।
महानगर के एक नेता के अभद्र व्यवहार पर भी विरोध
पार्षद दल के नेता के अलावा भाजपा में एक और मामले को लेकर विरोध के स्वर फूटे थे। पिछले दिनों गुर्जर भवन में कार्यक्रम के दौरान महानगर के एक नेता ने पदाधिकारी के साथ अभद्र बर्ताव किया था, जिसे लेकर विरोध भी जताया गया था। इसके बाद यह मामला सोशल मीडिया पर भी पहुंच गया था। हालांकि किसी तरह मामले को शांत किया गया, लेकिन अंदर ही अंदर इसे लेकर पूरी चर्चा है।