सहारनपुर। जिले में बायोगैस और सीएनजी बनाए जाने की रूपरेेखा तैयार कर ली गई है। गोबर धन योजना के तहत हुए सर्वे में जिला पंचायतराज विभाग ने रामपुर मनिहारान क्षेत्र के गांव चकदेवली और मुजफ्फराबाद ब्लॉक के गांव कलसिया में भूमि चिह्नित कर ली है, जिस पर जल्द कार्य शुरू कराए जाने का खाका तैयार किया गया।
दरअसल, गोबर धन योजना के तहत जनपद के सभी 11 ब्लॉक में प्लांट लगाए जाने हैं। इसके तहत गोबर को उपयोगी बनाते हुए बायोगैस बनाई जाएगी। इसके साथ बायोगैस को सीएनजी में बदलने को लेकर भी काम होगा। सर्व प्रथम पायलट प्रोजेक्ट के तहत इन गो-आश्रय स्थल में प्लांट लगाए जाने है। इसके लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत 50 लाख का बजट भी जारी हुआ है। गांव चकदेवली में गो आश्रय स्थल और कलसिया में ग्राम समाज की भूमि पर प्लांट लगाया जाएगा। इसको लेकर विभाग का सर्वे पूरा हो चुका है। अगले माह इस पर काम भी शुरू कर दिया जाएगा।
प्लांट लगने से यह होंगे फायदे
- गोबर, कृषि अपशिष्ट से बायोगैस व बायो सीएनजी में बदलने का लक्ष्य रखा गया
- इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ रखने में मदद मिलेगी
- बायोगैस से खाना पकाने और बिजली के लिए भी ऊर्जा मिल सकेगी
- किसानों व पशुपालकों की अतिरिक्त आमदनी का जरिया बनेगा
पशु पालकों को मिलेगा लाभ
इन प्लांट में पशु पालकों से गोबर सरकार खरीदेगी, जिसके बदले उनको पैसा दिया जाएगा। इससे कचरा प्रबंधन के इंतजाम होंगे और पशु पालक आत्मनिर्भर बन पाएंगे। फिलहाल दो जगहों पर प्लांट लगाने की तैयारी की गई। इसके बाद जनपद के अन्य नौ विकास खंड में प्लांट लगाने के लिए सर्वे होगा।
चकदेवली और कलसिया में प्लांट लगाने की तैयारी कर ली गई है। इसको लेकर बजट भी जारी हो चुका है। जल्द इन दोनों प्लांट का काम शुरू होगा। इससे पशुपालकों को भी फायदा होगा। -आलोक शर्मा, जिला पंचायत राज अधिकारी
कलसिया में चिंहित की गई जगह का निरीक्षण करते विभागीय अधिकारी- फोटो : SAHARANPUR