सहारनपुर में एसडीए (सहारनपुर विकास प्राधिकरण) के अधिकारी साइकिल ट्रैक के लिए शासन से जारी हुए लाखों रुपये को दो साल से दबाए बैठे हैं। इतना ही नहीं, जिस साइकिल ट्रैक पर 80 लाख रुपये खर्च होना दर्शाया जा रहा है, उसका भी कहीं अता-पता नहीं है।
दो साल से लटके साइकिल ट्रैक के निर्माण की वजह से एसडीए के अधिकारियों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। सपा सरकार ने वर्ष 2015 में सहारनपुर को साइकिल ट्रैक की सौगात दी थी।
यह साइकिल ट्रैक अंबाला रोड पर घंटाघर चौक से मेला गुघाल स्थित फ्लाईओवर तक दोनों साइड बनना था। साइकिल ट्रैक को बनाने का जिम्मा एसडीए को मिला था।
ट्रैक के लिए तभी शासन ने एक करोड़ 12 लाख 38 हजार 618 रुपये 81 पैसे जारी किए थे। 27 मई 2015 को शुरू हुआ काम 26 जुलाई 2015 तक निपटाया जाना था।
यानी दो महीने इसके निर्माण के लिए मिले थे। मगर अधिकारियों की निष्क्रियता के चलते निर्धारित समय में ट्रैक तैयार नहीं हो सका। इसके बाद शासन ने इसकी समय सीमा बढ़ाते हुए 30 नवंबर 2015 कर दी थी, मगर इस अवधि में भी एसडीए ट्रैक को तैयार नहीं करा सका।
करीब तीन से चार बार शासन ने ट्रैक को कंपलीट करने की तिथि बढ़ाई, मगर अधिकारियों की इच्छा शक्ति की कमी के कारण साइकिल ट्रैक दो साल बाद भी यानी आज तक तैैयार नहीं हो सका है।
शहर में साइकिल ट्रैक अंबाला रोड पर दोनों साइड में बनना था। एसडीए ने रोड के उत्तर दिशा से काम शुरू कराया था। फायर ब्रिगेड कार्यालय से कल्पना टाकिज के सामने तक ही बनवा सका वह भी आधा-अधूरा।
कल्पना टाकिज से आगे ट्रैक के लिए एक फावड़ा तक नहीं मारा गया है। इसके अलावा रोड के दूसरी साइड में ट्रैक का काम शुरू तक नहीं कराया गया है। यानी मुश्किल से 35 से 40 फीसदी काम ही ट्रैक पर हुआ है।
एसडीए अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने ट्रैक का काम शुरू करा दिया था। काफी हद तक ट्रैक तैयार भी करा दिया गया, मगर उसके आगे दुकानदारों ने ट्रैक बनने नहीं दिया।
कई बार इसके लिए प्रयास किए गए, मगर दुकानदारों का विरोध जारी है। बताया कि पूर्व विधायक राजीव गुंबर भी दुकानदारों को मनाने पहुंचे थे, मगर दुकानदार जिद पर अड़े हैं।