नागल (सहारनपुर)। शुक्रवार को रेलवे माल गलियारे के विद्युतीकरण के लिए लगाए जा रहे पोल का कार्य किसानों ने रुकवा दिया। किसानों का कहना है जब तक रेलवे उनके खेतों पर जाने के लिए चकरोड नहीं छोड़ती, तब तक वह काम नहीं होने देंगे।
शुक्रवार सुबह भाकियू तोमर गुट के मंडल उपाध्यक्ष चौ. बिरेंद्र सिंह की अगुवाई में किसान इकट्ठा होकर मीरपुर रेलवे फाटक के पास पहुंचे। जहां उन्होंने विद्युतीकरण के लिए लगाए जा रहे पोल का कार्य रुकवाते हुए मजदूरों को भगा दिया। इस दौरान बिरेंद्र सिंह ने कहा कि रेलवे ने माल गलियारे के लिए वर्ष 2011 में किसानों की जमीन अधिग्रहण की थी। उस समय किसानों के खेतों में जाने के लिए एक चकरोड छुटी थी, लेकिन रेलवे ने उस पर अपना कब्जा कर लिया। उसका पैसा प्रशासनिक अधिकारियों के खाते में चला गया, अब किसानों के पास खेतों में जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है। अभी तो किसान रेलवे की जमीन में चल रहे हैं, जिस दिन माल गलियारे की लाइन बिछ जाएगी, तब किसानों का खेतों में जाना मुश्किल हो जाएगा। पिछले काफी समय से किसान चकरोड के मुआवजे की मांग कर रहे हैं, जिससे कि वह चकरोड की भूमि अपने खेत से छोड़ दें, लेकिन संबंधित अधिकारी कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा जब तक चकरोड का पैसा किसान को नहीं मिलता, तब तक वह पोल नहीं गड़ने देंगे। इस दौरान विजेंद्र, काला, पृथ्वी सिंह, राम कुमार प्रधान, जगदीश, प्रमोद, नरेश प्रधान, वीरम सिंह, डॉ. अख्तर, अभिलाष आदि मौजूद रहे।
उधर एसडीएम देवबंद राकेश कुमार ने बताया कि जल्द ही आला अधिकारियों से बात कर समस्या का समाधान कराया जाएगा।