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बेसिक शिक्षकों की कुंडली मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड

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सहारनपुर। मानव संपदा पोर्टल से कई विभाग जुड़े हैं। यदि बेसिक शिक्षा की बात करें तो यह पोर्टल बेसिक शिक्षकों के लिए हितकारी साबित हुआ है। इससे इनका मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न रुका है। शिक्षकों के कई ऐसे छोटे-छोटे कार्य, जिनके लिए कई दिन तक लग जाते थे, अब चुटकी में हो रहे हैं।
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पोर्टल आने के बाद हर शिक्षक का अलग कोड बनाया है, इसके माध्यम से शिक्षकों की पूरी कुंडली पोर्टल पर दर्ज है। शिक्षकों के सभी शैक्षिक प्रमाण पत्र की स्केन कॉपी पोर्टल पर अपलोड है। शिक्षक पोर्टल पर जाकर पहले अपना पासवर्ड डालते हैं, इसके बाद मानव संपदा कोड डालते हैं तो पूरी डिटेल खुल जाती है। शिक्षकों की सर्विस बुक भी पोर्टल पर उपलब्ध है। पहले शिक्षकों को लोन के लिए यदि वेतन पर्ची चाहिए होती थी तो प्रार्थना पत्र लिखना होता था, जिस पर खंड शिक्षा अधिकारी के हस्ताक्षर कराने होते थे। खंड शिक्षा अधिकारी हस्ताक्षर करे ना करे, यह उसकी मर्जी थी। हस्ताक्षर हो जाएं तो लेखा बाबू से सर्विस बुक निकलवाकर वेतन पर्ची बनती थी। इस कार्य में कई बार कई दिन तक लग जाते थे।
इतना ही नहीं, अन्य मांग भी होती थी, मगर अब शिक्षक पोर्टल पर जाकर एक क्लिक से वेतन पर्ची का स्क्रीन शॉट लेकर और प्रिंट निकलवाकर लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं। महिला शिक्षकों को यदि मैटरनिटी छुट्टी लेनी होती थी तो उसके लिए भी उन्हें परेशान किया जाता था। अब वह ऑनलाइन छुट्टी ले सकती हैं। उन्हें ऑनलाइन अपने खंड शिक्षा अधिकारी को आवेदन करना होता है। यदि खंड शिक्षा अधिकारी आवेदन को स्वीकृति नहीं देता है तो उसे उसका कारण बताना होता है। पोर्टल पर शिक्षक किसी भी समय जाकर अपनी छुट्टियों की स्थिति देख सकते हैं कि कितनी सीएल और कितने मेडिकल लीव बची हैं। साथ ही पोर्टल उन शिक्षकों का दुश्मन बना है, जो सेटिंग कर छुट्टी पा लेते थे और अगले दिन आकर उपस्थिति दर्ज कर देते थे।
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करीब पांच हजार शिक्षक जुड़े
जनपद में परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों की संख्या 1438 है। इन विद्यालयों में करीब पांच हजार शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी कार्यरत हैं। मानव संपदा पोर्टल पर इन सभी का ब्योरा दर्ज है।
मानव संपदा पोर्टल पर कर्मचारियों का ब्योरा होने से कई कार्य आसान हो गए हैं। अब तमाम शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की कुंडली पोर्टल पर मौजूद है। पोर्टल से पूरी व्यवस्था में पारदर्शिता आई है। यह सरकार का अच्छा कदम रहा है। - अंबरीश कुमार, बीएसए।
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