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सहारनपुर में बरसाती नदियों में आई बाढ़, कई गांवों का संपर्क कटा

Fri, 27 Jul 2018 12:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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शाकंभरी देवी परिसर में नदी का पानी कम होने पर लौटते श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला
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बेहट (सहारनपुर)। पहाड़ी एवं मैदानी क्षेत्रों में बृहस्पतिवार की रात हुई बारिश से यमुना का जलस्तर बढ़ गया। इसके अलावा क्षेत्र की सभी बरसाती नदियों में बाढ़ आ गई। चौतरफा पानी होने से नदियों से घिरे दर्जनों गांवों का तहसील एवं जनपद मुख्यालय से संपर्क कट गया। कई गांव जलमग्न हो गए। तेज बहाव से हुए कटाव के चलते जहां फसलें जलमग्न हो र्गइं, वहीं संपर्क मार्ग और विद्युत लाइनें ध्वस्त हो गईं। बेहट-शाकंभरी देवी, मिर्जापुर-सुंदरपुर एवं बेहट-शाकंभरी देवी सड़क मार्गों पर यातायात बंद रहा। सिद्धपीठ में श्रद्धालु और उनके वाहन नदी की जलधारा के बीच फंसे रहे, हालांकि किसी श्रद्धालु को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।  
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रात में पहाड़ियों पर मूसलाधार बारिश होने के बाद तड़के पांच बजे शिवालिक पहाड़ियों से निकलने वाली सभी बरसाती नदियों में बाढ़ आ गई। सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी में मेरठ के गढ़ रोड निवासी श्रद्धालुओं की बस अचानक आए तेज बहाव से नदी में फंस गई। श्रद्धालु सुरक्षित निकाल लिए गए, लेकिन बस पानी में ही रह गई। तीन चार श्रद्धालुओं को बाइक छोड़कर किनारे की तरफ भागकर जान बचानी पड़ी। एक श्रद्धालु की कार बह गई, जो दो किमी दूर जाकर मिली। उधर, नदियों में बाढ़ के चलते दर्जनों गांवों का संपर्क तहसील एवं जनपद मुख्यालय से कट गया। बच्चे स्कूल नहीं जा सके। चौतरफा पानी होने से लोग घबरा गए। हिंदूवाला गांव में विद्युत लाइनें ध्वस्त हो गईं। शाहपुर एवं हुसैन मलकपुर गांवों के संपर्क मार्ग पर पानी भर गया। आबादी में पानी घुस गया। लगातार बढ़ रहे जलस्तर से ग्रामीण सहम गए। सुबह करीब दस बजे पानी कम होने पर सिंचाई निर्माण खंड के अधिकारी गांवों में पहुंचे तो ग्रामीणों ने उन्हें बंधक बना लिया। बचाव कार्य तत्काल शुरू कराने के आश्वासन पर ही उन्हें ग्रामीणों ने छोड़ा। विधायक नरेश सैनी ने भी गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों से बात की और उसके बाद सिंचाई निर्माण खंड के अधिकारियों से वार्ता करते हुए जल्द राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराने के लिए कहा। तेज बहाव पानी से हुए कटाव के चलते किसानों की भूमि एवं उनमें खड़ी फसलें बर्बाद हो गई।  
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