सहारनपुर के फुलवारी आश्रम, बाड़ा बाबा लालदास निरीक्षण करते मंडलायुक्त संजय कुमार
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सहारनपुर। फुलवारी आश्रम, हाजी शाह कमाल की दरगाह और बाबा लालदास का बाड़ा को मिलाकर एक परिसर बनाया जाएगा। इसकी ऐतिहासिक महत्ता को बरकरार रखते हुए आध्यात्मिक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। स्मार्ट सिटी के चेयरमैन/मंडलायुक्त संजय कुमार ने नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह को साथ लेकर उक्त स्थलों का भ्रमण करते हुए यह निर्देश दिए।
उन्होंने कहा है कि फुलवारी आश्रम, दरगाह हाजी शाह कमाल तथा बाबा लालदास बाड़ा स्थल को एक सर्किट के रूप में को-एकीकृत (इंटीग्रेटेड) कर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए तीनों संस्थाओं के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर उनके सुझावों को शामिल करते हुए इस पर विस्तृत योजना बनाई जाएगी। मंगलवार को नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह के साथ इन तीनों स्थलों का निरीक्षण किया। इससे पहले साहित्यकार डॉ. वीरेंद्र आजम ने मंडलायुक्त को बताया कि शहीदे आजम भगत सिंह फरारी के दिनों में फुलवारी आश्रम में रुके थे। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आह्वान पर इसी आश्रम में गुरुकुल के ब्रह्मचारियों के नेतृत्व में हजारों लोगों ने नमक बनाकर कानून तोड़ा था । मंडलायुक्त ने फुलवारी आश्रम के साथ ही उससे सटे बाड़ा बाबा लालदास आश्रम में नदी तट तथा बाबा की चरण पादुका मंदिर आदि का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक पांवधोई नदी के दोनों तटों के विकास के साथ ही बाबा के आश्रम का एक भव्य स्थल के रूप में विकास कर वॉकिंग प्लाजा, फव्वारे, योगा स्थल, शोभाकारी पौधों के साथ उसे ऐतिहासिक महत्व का दर्शनीय स्थल बनाया जाएगा। निरीक्षण के दौरान पार्षद भूरा सिंह प्रजापति, श्री रामलीला कमेटी के सदस्य मनीष कच्छल, सरस्वती शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य सुशील कुमार, चौधरी वीरेंद्र, शिवकुमार व किशोर आदि से भी उन्होंने परामर्श करते हुए अपनी योजना से अवगत कराया। नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने मंडलायुक्त को बताया कि उक्त तीनों स्थल अति प्राचीन होने के साथ ही आध्यात्मिक व ऐतिहासिक महत्व के हैं। मंडलायुक्त ने तीनों स्थलों का एक इंटीग्रेटेड सर्किट बनाकर विकास पर सहमति जताई। उन्होंने कहा कि दोनों मार्गों पर भव्य गेट भी बनाए जाएंगे।
दरगाह भी पहुंचे मंडलायुक्त
मंडलायुक्त ने बाबा लालदास के परम मित्र हाजी शाह की दरगाह का भी निरीक्षण किया। दरगाहकमेटी के पदाधिकारी दिलशाद अहमद, पार्षद प्रतिनिधि सईद सिद्दीकी, शफ्फान अहमद व नोमान आदि से दरगाह के इतिहास और प्रबंधन की जानकारी ली। दरगाह कमेटी ने स्मार्ट सिटी के तहत दरगाह के विकास और सुंदरीकरण करने की योजना पर हर्ष व्यक्त करते हुए हर संभव सहयोग का आश्वासन मंडलायुक्त को दिया।