सहारनपुर के छुटमलपुर में पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां ने मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के सदस्य मौलाना सलमान हुसैनी नदवी के शरिया में मस्जिद को स्थानांतरित करने की इजाजत होने की बात कहने को गैर जिम्मेदाराना बयान बताया है और कहा कि यदि ऐसा हो सकता था तो लाखों मुसलमानों के मरने के बाद यह बात क्यों कही गई।
आजम खां शनिवार की रात 11 बजे फतेहपुर भादो के मदरसा सिराजुल उलूम में आयोजित इजलास में पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि यदि देश के वर्तमान हालात में उलमा इस तरह के फतवा देने लगेंगे तो इस मुल्क में रहना दुश्वार हो जाएगा।
बाबरी मस्जिद को लेकर मौलाना सलमान के बयान पर अमल करने से यह रिवायत बन जाएगी और भविष्य में देश की कोई भी मस्जिद अपनी जगह नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को चाहिए कि वे अपने कौमी मसलों को हल करने के लिए एकजुट हों।
सऊदी अरब के पवित्र शहर मदीना मुनव्वरा की मस्जिद ए नबवी के उस्ताद फुक्काह व शेखुलहदीस हामिद बिन अहमद बिन अकरम बुखारी ने कहा कि मजहब ए इस्लाम इंसान का रिश्ता उसके खालिक व मालिक ए हकीकी से जोड़ने वाला है।
जो पूरे आलम में भाईचारा व अमन के कयाम की पैरवी करता है। उन्होंने मुसलमानों से कहा कि वे अपनी जिम्मेदारी समझें। मदीना से आए मदरसा के सचिव मौलाना हकीम मो. उस्मान, बिहार से आए मौलाना महफूजुर्रहमान और जामा मस्जिद सहारनपुर के मैनेजर मौलाना फरीद मजाहिरी आदि ने भी विचार रखे।
मदरसा के सदर मो. अय्यूब हसन, मौलाना सैय्यद मुजय्यन हुसैन संसारपुरी, हाजी फजलुर्रहमान, राव सम्मून, राव मुतैयब, मौलाना जमील कासमी, मौलाना शाहिद मजाहिरी, आजाद अंजुम, जिला पंचायत सदस्य रागिब अली, कारी इल्यास, कारी सद्दाम, हाफिज शाहिद, हाजी दिलदार, हाफिज मुर्तजा, राव अब्दुल अजीज व मौलाना हाशिम आदि मौजूद रहे।