सहारनपुर। अवैध और मानचित्र के विपरीत निर्माण होने पर ही प्राधिकरण की आंख खुलती है। दो से तीन माह तक अवैध निर्माण होते हैं, जिन पर बीच में कार्रवाई नहीं हो पाती। यदि पहले ही सजग रहकर प्राधिकरण कार्रवाई करे तो, ऐसे निर्माण पूरे ही न हो पाएं।
ताजा उदाहरण अंबाला रोड का सामने आया है, जहां करीब तीन माह से कामर्शियल भवन का निर्माण चल रहा है, जिसमें दो दर्जन दुकानेें बनाई गईं हैं। निर्माण मुख्य मार्ग पर है, लेकिन प्राधिकरण को नजर नहीं आया। यही वजह है कि भवन को सील करने की कार्रवाई तब हुई है, जब निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। वहीं, मिशन कंपाउंड में एक बड़ा अवैध निर्माण चल रहा है, जिस पर दस अगस्त को नोटिस भी चस्पा किया गया था, बावजूद निर्माण जारी है। प्राधिकरण इससे अनजान है। ढमोला नदी के किनारे बड़ा निर्माण हो रहा है, जिस पर नजर नहीं है। शकलापुरी मार्ग पर कामर्शियल निर्माण हुआ है। निर्माण में एक माह से अधिक का समय लगा, मगर प्राधिकरण मौन रहा, जिस दिन लिंटर डाला गया तो प्राधिकरण की टीम ने तीन बार जाकर रोका, मगर निर्माण नहीं रुका। विभागीय अधिकारियों ने निर्माण को जल्द सील करने की बात कही थी, मगर अब उक्त गोदाम में सामन भी रखा जा चुका है। इसी मार्ग पर बीते छह माह में आधा दर्जन से अधिक कामर्शियल निर्माण हो चुके हैं। शहर भर में अवैध निर्माणों का यही हाल है।
अवैध निर्माणों पर हो रही कार्रवाई : सचिव
प्राधिकरण के सचिव डीपी सिंह ने बताया कि अवैध निर्माणों पर कार्रवाई के लिए कुछ दिन पहले अभियंताओं के साथ बैठक हुई थी। अवैध और मानचित्र के विपरीत निर्माणों पर कार्रवाई में तेजी आई है। यदि कहीं अवैध निर्माण है और कार्रवाई नहीं हुई है तो शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।