नागल। सीडकी-झबरेड़ा मार्ग पर काली नदी के निर्माणाधीन पुल के पास हुए हादसे में तीन मजदूरों की मौत के बाद आखिरकार जिम्मेदारों की नींद टूट गई। शनिवार को निर्माण कंपनी द्वारा निर्माणाधीन पुल की तरफ जाने वाले रास्ते पर दोनों तरफ बैरिकेडिंग कराई गई।
बता दें, कि बृहस्पतिवार देर रात बजरी से भरा डंपर निर्माणाधीन पुल की तरफ जाकर अनियंत्रित होकर टीन शेड पर पलट गया था। हादसे में टीन में सो रहे पांच मजदूर दब गए थे। इनमें तीन की मौत हो गई थी, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे के दो दिन बाद शनिवार को निर्माण कंपनी ने सक्रियता दिखाते हुए टूटे पुल की तरफ जाने वाले मार्ग को बैरिकेडिंग लगाकर बंद कर दिया। यह कदम उस समय उठाया गया जब पहले से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के आरोप लगते रहे थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पहले ही उचित बैरिकेडिंग और रोशनी की व्यवस्था की गई होती, तो यह हादसा टाला जा सकता था।
ग्रामीणों के अनुसार निर्माण स्थल पर न तो रात के समय पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था थी और न ही वाहनों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश या रोकथाम के उपाय किए गए थे। इसी लापरवाही के चलते ट्रक चालक गलत दिशा में पुल की ओर बढ़ गया और मिट्टी के ढेर में फंसकर पलट गया, जिसका खामियाजा मजदूरों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा।
उधर, पुलिस का कहना है कि मामले में अभी तक मृतकों के परिजनों की ओर से कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।