फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तमाम परेशानियां झेलकर मजबूत बनीं अतिया

विज्ञापन
विज्ञापन
सहारनपुर। अतिया साबरी ने तीन तलाक, दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा के खिलाफ सात साल तक कानूनी लड़ाई लड़ी। इस दौरान पग-पग पर मिली परेशानियों ने उन्हें और मजबूत किया। इसके परिणामस्वरूप वह तमाम झूठे मुकदमों से बरी हुईं। इतना ही नहीं अदालत के जरिए भरण पोषण का अधिकार भी हासिल कर लिया।
विज्ञापन

मोहल्ला आली की चुंगी निवासी अतिया साबरी की शादी 2012 में हरिद्वार के गांव सुल्तानपुर निवासी वाजिद अली से हुई थी। दो बेटियां पैदा होने के बाद वर्ष 2014 में पति और ससुराल वालों ने मारपीटकर अतिया को घर से निकाल दिया था। इसके बाद नवंबर 2015 में अतिया को लिखित तीन तलाक दे दिया। इसके बाद से वह पति और ससुराल वालों के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रही थीं। अतिया साबरी ने 24 नवंबर 2015 को पति वाजिद अली के खिलाफ अदालत में भरण पोषण का वाद डाला था। पति की आय एक लाख रुपये प्रतिमाह बताई। कहा कि वाजिद के नाम बाइक की डीलरशिप तथा 100 बीघा खेती की जमीन है। अतिया ने अपने लिए 25 हजार तथा दोनों नाबालिग पुत्री सादिया व सना के लिए 10-10 हजार प्रतिमाह भरण पोषण भत्ते की मांग की थी।
गत 22 मार्च को प्रधान न्यायाधीश (परिवार न्यायालय) नरेंद्र कुमार ने अतिया, उनकी दोनों बेटियों के लिए 7-7 हजार रुपये भरण पोषण भत्ते के रूप में तय किए। यह आदेश प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने की तारीख से लागू किया। इस तरह यह रकम करीब 13.44 लाख रुपये होगी।
विज्ञापन

ऐसे लड़ी न्याय की लड़ाई
दिसंबर 2015 में अतिया ने महिला थाना सहारनपुर में पति और ससुराल वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
नवंबर 2015 में अतिया ने भरण पोषण का वाद न्यायालय में दायर किया।
जनवरी 2017 में तीन तलाक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की।
ये झेली परेशानी
अतिया साबरी के नाम से लक्सर की बैंक शाखा में फर्जी खाता खुलवाया और चेकबुक जारी कराई। उससे तीन अलग-अलग लोगों को चेक देकर बाउंस कराए गए। इसी आधार पर अतिया के खिलाफ रिपोर्ट लक्सर थाने में दर्ज कराई। फर्जीवाडे़ का खुलासा होने पर अगस्त 2016 में अतिया ने आरोपी पति वाजिद समेत सात लोगों के खिलाफ लक्सर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
अतिया के भाई मोहम्मद अफजाल जल विद्युत निगम में अधिशासी अभियंता हैं। आरोपी पति वाजिद और अन्य लोगों ने अफजाल को सहारनपुर का निवासी बता फर्जी निवास प्रमाण होने की शिकायत की थी। जांच में प्रमाणपत्र सही पाए गए। इस पर 11 सितंबर 2020 को वाजिद अली, सईद अहमद और पूर्व प्रधान उमर आदिल के खिलाफ लक्सर थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई।
24 जनवरी 2016 में अतिया के भाई और पिता के खिलाफ लक्सर थाने में मारपीट करने की रिपोर्ट दर्ज हुई। विवेचना के उपरांत इसमें पुलिस ने एफआर लगा दी।
25 जुलाई 2016 में हरिद्वार में भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की शंखनाद रैली के दौरान पुलिस को सूचना दी गई कि अतिया का भाई रिजवान बम विस्फोट कराने वाला है। फर्जीवाड़ा खुलने पर आरोपी वाजिद और अन्य के खिलाफ हरिद्वार कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज हुई।
अतिया के दो भाइयों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत हरिद्वार के पथरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने की कोशिश की गई। वाजिद ने अपने नौकर की तरफ से तहरीर दिलाकर जातिसूचक शब्द कहने और मारपीट का आरोप लगाया था। नौकर नैनपाल ने खुद ही पुलिस को बयान दिया था कि उससे झूठी तहरीर दिलाई थी।
2016 सामुदायिक केंद्र बीएचईएल हरिद्वार में अतिया शादी समारोह में गई थी। ज्वालापुर के लोगों के साथ पति वाजिद आया और दोनों बच्चियों को ले जाने की कोशिश की। इस पर रानीपुर कोतवाली पुलिस के पहुंचने पर नाकाम रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें