सहारनपुर। जिले की 22 ग्राम पंचायतों में खगोलीय वेधशालाएं बनकर तैयार हो गई हैं। इन वेधशालाओं में कक्षा नौ से 12वीं तक के छात्रों को ब्रह्मांड के रहस्यों की बारीकियों को समझाया जाएगा। वेधशालाओं में किताबें भी उपलब्ध हैं, जिनके अध्ययन से छात्र अन्य खगोलीय घटनाओं की जानकारी हासिल कर सकेंगे।
ग्राम पंचायतों में अध्ययनरत छात्रों को भी आधुनिक शिक्षा मिले। इसके लिए मुख्य विकास अधिकारी ने खगोलीय वेधशालाओं को बनाने का निर्णय लिया था। इन वेधशालाओं में छात्रों को सूर्यग्रहण, चंद्रग्रहण, नव ग्रह, भारत के चंद्रयान मिशन समेत अन्य चीजों को बारे में छात्रों को विस्तार से समझाया जाएगा। साथ ही तारा टूटने और दिन व रात कैसे होते हैं। सबसे पहले चांद पर कौन उतरा के बारे में भी जानकारी मिलेगी। इन वेधशालाओं में टेलीस्कोप भी है, जिसके माध्यम से छात्र खगोलीय घटनाओं को अपनी आंखों से देख भी सकेंगे।
- इन ग्राम पंचायतों में तैयार हुई वेधशालाएं
मल्हीपुर, नंदी फिरोजपुर, टिकरौल, अनंतमऊ, जड़ौदा पांडा, दुम्झेड़ा और बुड्ढाखेड़ा, गांव सलेमपुर गदा, रायपुर, दात्तोली रांघड़, सरकड़ी शेख, दाबकी गुज्जर, बिजोपुरा, खुशालीपुरा, थितकी, जड़ौदा जट्ट, कुलसथ, ढकदेई, मल्हामाजरा, लखनौती और घाटेड़ा में वेधशालाएं बनकर तैयार हो गई है।
वर्जन
ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को भी आधुनिक शिक्षा प्राप्त हो इसके लिए वेधशालाएं तैयार की गई है। 22 ग्राम पंचायतों में लैब बनकर तैयार है, जहां छात्र खगोलीय घटनाओं की बारीकियों को प्रैक्टिकल रूप से समझ सकेंगे।
-सुमित राजेश महाजन, मुख्य विकास अधिकारी।