मोहल्ला मोहम्मद गोरी में शुक्रवार सुबह एक गरीब के घर में आग लग गई। लोगों ने भारी मशक्कत कर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक उसके घर में रखा सामान तो जलकर नष्ट हुआ ही, बेटी की शादी में देने के लिए लाकर रखा गया सामान भी आग की भेंट चढ़ गया। पीड़ित ने मुआवजे की मांग की है।
पीड़ित सलीम शुक्रवार सुबह सहरी के वक्त परिवार सहित खाना खाने के बाद घर के आंगन में सो रहा था। करीब छह बजे तपिश के अहसास से उसकी आंख खुली तो उसने देखा कि कमरे में आग लगी हुई थी। उसने शोर मचा कर परिवार के अन्य सदस्यों को जगाया।
शोरशराबा सुनकर लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। कमरे की छत की कड़ियों ने भी आग पकड़ ली और कुछ ही देर में छत भी नीचे आ गिरी। लोगों ने कई घंटे की मशक्कत के बाद पानी डालकर आग पर काबू पाया। तब तक घरेलू सामान के अलावा बेटी की शादी में देने के लिए लाकर रखा सामान भी जलकर नष्ट हो गया। गनीमत रही कि उस समय परिवार के सदस्य कमरे के बाहर सो रहे थे नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।
पीड़ित के अनुसार उनके पास अब सिर्फ तन पर पहने कपडे़ ही बचे हैं। सिर छुपाने के लिए छत भी नहीं बची। पीड़ित ने कोतवाली में तहरीर देकर मुआवजे की मांग की है।
बीमारी और गरीब की मार झेल रहा सलीम ः गंगोह। बीमारी और गरीबी की मार झेल रहा सलीम मकान में आग लगने के बाद सड़क पर आ गया है। उसका पुत्र रिक्शा चलाकर परिवार का पालन-पोषण करता है। मोहल्लेवासियों डॉ. मनव्वर, शमशाद, दिलशाद, नदीम, भूरा, अकबर, अय्युब, यूसुफ, कय्यूम, दानिश, सतीश, मनोज, मुकीम, वाजिद आदि ने सरकार से पीड़ित को मुआवजा दिए जाने की मांग की है।