मिर्जापुर में विद्यालय के कमरे को ढहाती जेसीबी। श्रोत-ग्रामीण
- फोटो : नवोदय विद्यालय की टीम।
मिर्जापुर। छात्र की मौत के बाद मिर्जापुर के पाडली रोड स्थित जिस स्कूल पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने सील लगाई थी उसे मकान मालिक ने जेसीबी से ढहा दिया है। स्कूल की इमारत गिराने के बाद अब यहां पढ़ रहे 45 बच्चों का भविष्य भी अधर में लटक गया है। हालांकि शिक्षा विभाग के अधिकारी उन्हें उस स्कूल में भेजने की बात कह रहे हैं जिससे यह स्कूल अटैच था।
बता दें, कि गत सोमवार को स्कूली बच्चों से भरी स्कॉर्पियो के पलटने से सात साल के मासूम हार्दिक की मौत हो गई थी तथा सात अन्य बच्चे घायल हो गए थे। इस हादसे के बाद ग्रामीणों ने स्कूल मालिक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर काफी हंगामा किया था। पुलिस ने प्रधानाचार्य, प्रबंधक एवं गाड़ी चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें कोर्ट में पेश किया था। जबकि शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बुधवार को स्कूल पहुंच कर उस कमरे को सील कर दिया था, जिसमें कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। जांच में यह भी सामने आया था कि यह विद्यालय बिना मान्यता के चल रहा है।
बृहस्पतिवार को स्कूल की बिल्डिंग के मालिक मिर्जापुर निवासी ज्ञान सिंह ने जेसीबी से उस कमरे को ढहा दिया, जिस पर विभाग ने सील लगाई थी। विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ हुई कार्रवाई और अब स्कूल की इमारत ढहाने के बाद यहां पढ़ रहे कक्षा आठ तक के 45 बच्चों का भविष्य भी अधर में लटक गया है। इसे लेकर उनके परिजन चिंतित हैं।
हालांकि खंड शिक्षा अधिकारी साढ़ौली कदीम सहदेव गंगवार बताया कि यहां अध्ययनरत बच्चों को उस विद्यालय में ही भेजा जाएगा जहां से इस विद्यालय का अटैचमेंट हुआ था।