सहारनपुर। आर्य महासम्मेलन और आर्य समाज की स्थापना पर दो दिवसीय कार्यक्रम आरंभ हुआ। शनिवार को 150 कुंडीय यज्ञ की शुरुआत अग्रवाल धर्मशाला में हुई। वक्ताओं ने अपनी ओजस्वी वाणी से वेद की ओर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आर्य समाज कोई संप्रदाय पांच वर्ग नहीं, एक आंदोलन है।
प्रदेश संयोजक आचार्य पंकज आर्य ने भारत देश को पुनः आर्यवर्त बनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आर्य समाज भारत को ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व को संगठित कर एक परिवार बनाना चाहता है। आर्य समाज के दरवाजे सभी मनुष्यों के लिए खुले हैं। कोई भी आर्य समाज का अंग बन सकता है। भजनोपदेशक मोहित शास्त्री, ऋषिपाल आर्य, मदन आर्य, अंशुल आर्य, संगीता और वेदिका आर्य के मंत्रों ने प्रेरक भजन प्रस्तुत किए। पूर्व मंत्री संजय गर्ग ने महर्षि दयानंद को निराला नेतृत्वकर्ता बताया। कार्यक्रम का संचालन रणवीर शास्त्री ने किया। संयोजक अनिल, जिला मंत्री अवनीश आर्य, कोषाध्यक्ष राजकिशोर आर्य, जिला मीडिया प्रभारी डॉ. वीर सिंह भावुक, राजेश आर्य, नाथीराम, अऩुराग, मांगेराम, देवेंद्र आर्य आदि मौजूद रहे।