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गुस्सा बिजली विभाग पर, खिलवाड़ बच्चों के भविष्य से

Sun, 11 Mar 2018 11:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ सहारनपुर
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विद्युत टीम का विरोध करते ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला
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सहारनपुर के सरसावा में हरियाणा के बार्डर पर स्थित गांव ढिक्का टपरी की बिजली एक बार फिर से काट दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि वे हर माह बिजली का बिल जमा कर रहे हैं, इसके बाद भी बिजली काट दी गई है। गुस्से में ग्रामीणों ने पोलियो अभियान का बहिष्कार कर दिया और बच्चों को दवा नहीं पिलाई।
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गांव के स्कूलों को भी बंद करने की चेतावनी दी है। ग्रामीणों का आक्रोश और विरोध अपनी जगह, लेकिन पोलियो की दवा नहीं पिलाने से स्वास्थ्य तो उनके बच्चों का ही दांव पर लग रहा है। स्कूल बंद करने से भी उनके बच्चों की ही पढ़ाई प्रभावित होगी। प्रशासन और विभाग  तक अपनी बात पहुंचाने के और भी तो कई तरीके हैैं।   

 रविवार को गांव में बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने के लिए पहुंची स्वास्थ्य विभाग टीम का गांव ढिक्का टपरी में ग्रामीणों ने विरोध किया और उसे वहां से वापस भेज दिया। ग्रामीणों ने  महिलाओं और बच्चों के साथ हाथों में तख्तियां लेकर जुलूस निकाला और विद्युत निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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लोगों ने आरोप लगाया कि वह हर माह बिजली का बिल जमा कर रहे हैं। फिर भी उनके पूरे गांव की सप्लाई हर तीन चार माह बाद काट दी जा रही है। बच्चों की परीक्षाएं चल रहीं हैं। लेकिन बिजली न होने के चलते बच्चे परीक्षा की तैयारी नहीं कर पा रहे हैं।

गर्मियां भी शुरू हो चुकीं हैं। इस प्रदर्शन में संघर्ष समिति के धीरज राणा, मोनू राणा, सोनू, सन्नी, नरेश, चरण सिंह, अवधेश राणा, चेताराम, पितांबर, हरिओम, प्रदीप राणा, अमन शामिल रहे। 

उधर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डाक्टर राजेश ने बताया कि ग्रामीणों ने गांव की बिजली कटने की बात से नाराज लोगों ने पोलियो की दवा दिलाने से इनकार कर दिया। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। पोलियो टीम अभी भी गांव में ही तैनात है।

ग्रामीणों की चेतावनी, स्कूल भी बंद करा देंगे
गांव के जोगेंद्र, बाबूराम कहते हैं कि अपनी समस्या लेकर अधिकारियों ने भी मिलकर थक चुके हैं। आश्वासन ही मिले। अमन कहते हैं कि समस्या का अधिकारी स्थायी समाधान नहीं कर रहे। पहले बिजली काटी गई तो लोग मंत्री धर्म सिंह सैनी के पास पहुंचे थे।

उनके कहने पर गांव की बिजली जोड़ी गई लेकिन दो दिन बाद फिर से काट दी गई। रणधीर, धर्म सिंह, प्रदीप सहित अन्य ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समस्या दूर नहीं की गई तो प्राथमिक विद्यालय पर भी ताला जड़ देंगे और किसी भी सरकारी अधिकारी को गांव में घुसने नहीं देंगे।

यह है उलझन : हरियाणा से सप्लाई, भुगतान यूपी विद्युत निगम को
यूपी-हरियाणा के बार्डर पर जिले की सरसावा तहसील के इस गांव में विद्युतीकरण के समय यूपी और हरियाणा के विद्युत अफसरों में यह समझौता हुआ था कि सप्लाई हरियाणा से दी जाएगी जबकि वसूली यूपी का विद्युत निगम करेगा और उसके आधार पर ही हरियाणा बिजली बोर्ड को भुगतान करेगा।

गांव ढिक्का टपरी में 470 लोगों का बिजली का कनेक्शन है। जिन्हें हरियाणा से बिजली की सप्लाई दी जा रही है। गांव से बिलों की वसूली तो नियमित रूप ये यूपी विद्युत निगम के कर्मचारी करते हैं।  ग्रामीणों का दावा है कि इस बार भी अधिकांश उपभोक्ताओं ने बिल का भुगतान किया। लेकिन यूपी विद्युत निगम ने हरियाणा को भुगतान ही नहीं किया। इस कारण गांव की सप्लाई हरियाणा से काट दी गई।

आजादी के 70 साल बाद मिली थी गांव को बिजली
सहारनपुर। आजादी के 70 साल तक सहारनपुर का ग्राम ढिक्का टपरी अपने बिजली जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित रहा था। हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सीमा पर बसे इस गांव को दोनों ही राज्यों ने अंधेरे में ही रखा। गांव के युवाओं की संघर्ष समिति के साथ इस अभियान में अमर उजाला ने सहयोग किया और 2016 में इस गांव में रोशनी की किरण पहुंची थी। इतने लंबे समय बाद बिजली तो मिली। लेकिन अब दो राज्यों के चक्कर में बीच-बीच में आपूर्ति बाधित हो रही है।

शीघ्र भुगतान कराया जाएगा
एसडीएम नकुड़ अमित आसेरी आईएएस ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है और हरियाणा विद्युत निगम को भुगतान करने की कार्यवाही आरंभ कर दी गई है। साथ ही भविष्य में ऐसा ना हो इसके लिये व्यवस्था की जा रही है।

मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है : अधीक्षण अभियंता
अधीक्षण अभियंता विद्युत निगम (ग्रामीण), वीके शर्मा का कहना है कि मामला मुख्य अभियंता, जिलाधिकारी समेत सभी उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है। प्रयास किया जा रहा है कि गांव की सप्लाई शीघ्र चालू करा दी जाए। लखनऊ में भी इसके लिए कहा गया है।
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