सहारनपुर। नगर निगम बोर्ड की कार्यकारिणी समिति की बैठक में भाजपा पार्षदों के प्रस्ताव पर शहर के कुछ चौराहों का नाम बदलने पर सहमति बनने के बाद सपा पार्षदों ने भी कई मार्गों और चौराहों के नाम बदलने का प्रस्ताव रखा है। इसे लेकर भाजपा पार्षदों में रोष है। उन्होंने सपा पार्षदों पर सांप्रदायिक राजनीति करने का आरोप लगाया है।
भाजपा पार्षदों की बैठक शनिवार को वरिष्ठ पार्षद अशोक राजपूत की अध्यक्षता में उनके निवास पर हुई। उप सभापति भूरा सिंह प्रजापति और पार्षद आशुतोष सहगल ने कहा नगर निगम कार्यकारिणी की 20 नवंबर को हुई बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर पुल खुमरान का नाम रामेश्वर सेतु और चौक नवाबगंज का नाम बागेश्वर महादेव चौक रखा था। कार्यकारिणी बैठक में अभिषेक अरोड़ा टिंकू, शहजाद मलिक व गुलशेर आदि कार्यकारिणी के सभी विपक्षी पार्षद सदस्य मौजूद थे। 26 नवंबर को हुई नगर निगम कार्यकारिणी की बैैठक में सोची समझी साजिश के तहत पार्षद अभिषेक अरोड़ा, गुलशेर व शहजाद मलिक ने नवाब गंज चौक आदि के नामकरण पर जिस तरह आपत्ति जताई। वह समाजवादी पार्टी की गलत मानसिकता को उजागर करती है। अध्यक्ष अशोक राजपूत ने कहा भाजपा सबका साथ सबका विकास की धारणा के साथ समाज में काम कर रही है। हमने पार्षद शहजाद मलिक के प्रस्ताव पर आली की चुंगी चौक का नाम पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर करने पर सहमति दी। पार्षद मुकेश गक्खड़, पार्षद कंचन धवन, पार्षद रमेश छाबड़ा ने भी सपा पार्षदों की सांप्रदायिक सोच रखने का आरोप लगाकर निंदा की।