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प्ले स्कूल के रूप में काम करेंगे आंगनबाड़ी केंद्र

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सहारनपुर। नई शिक्षा नीति में आंगनबाड़ी केंद्रों की जिम्मेदारी बढ़ने जा रही है। अब आंगनबाड़ी केंद्र प्ले स्कूल की तरह काम करेंगे, जहां बच्चों को वर्णमाला आदि सिखाई जाएगी। आंगनबाड़ी केंद्रों के बाद बच्चे परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक में दाखिला लेंगे।
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जनपद में परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों की संख्या 1600 से अधिक है। लंबे समय से आंगनबाड़ी केंद्रों को विद्यालयों के साथ ही अटैच किया हुआ है। अभी तक आंगनबाड़ी विद्यालयों में पंजीकरण बढ़ाने या बच्चों को विद्यालयों तक लाने में शिक्षकों की मदद करती थी। मगर नई शिक्षा नीति में प्री-एजुकेशन और प्राइमरी एजुकेशल लिंक हो जाएगी। बच्चे आंगनबाड़ी केंद्रों पर वर्णमाला आदि सीखेंगे। साथ ही उन्हें शब्दों को जोड़कर पढ़ाना भी सिखाया जाएगा। यानी आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। वहां आने वाले बच्चों को खेल खेल में चीजें सिखाई जाएंगी। क्लास में कैसे बैठना है और गुरु से कैसे पेश आना है एक तरह से अनुशासन का पाठ भी उन्हें आंगनबाड़ी केंद्रों पर ही सिखाया जाएगा। वहां से एक साल पूरा करने के बाद बच्चे को सीधे परिषदीय विद्यालय में कक्षा एक में दाखिल दिया जाएगा। जहां उनको एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाया जाएगा।
नई शिक्षा नीति के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों की जिम्मेदारी बढ़ने जा रही है। विद्यालयों में ही अटैक आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को वर्णमाला और अक्षर ज्ञान आदि कराया जाएगा। उसके बाद वह परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक में दाखिल लेंगे।
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- रमेंद्र कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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