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राजकीय मेडिकल कॉलेज की मॉक ड्रिल में नहीं चल पाया एक आक्सीजन प्लांट

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राजकीय मेडिकल कालेज की मॉक ड्रिल में नहीं चल पाया एक आक्सीजन प्लांट
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सरसावा। कुछ माह पहले जिले में कहर बरपाने वाले कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से बचाव के लिए राजकीय मेडिकल कालेज में हुई मॉक ड्रिल में एक ऑक्सीजन प्लांट चल नहीं पाया। प्राचार्य ने स्वीकार किया कि कुछ मामूली खामियां रह गई, जिनका निवारण करने का प्रयास किया जा रहा है।
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शनिवार को पिलखनी स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर से बचाव के लिए एक विशेष माक ड्रिल की गई। डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि के रूप में डॉ. आनंद ने समस्त प्रक्रिया का बिंदुवार पूर्वाभ्यास किया था जिसमें मरीजों की आमद से लेकर वार्ड में भर्ती होने आईसीयू वार्ड में बेड की उपलब्धता, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सप्लाई, नर्सिंग स्टाफ, वार्डबॉय, स्वीपर, कैंटीन से भोजन आदि शामिल थे। मॉक ड्रिल के दौरान जहां चिकित्सकों की कमी साफ नजर आई। वहीं मेडिकल कॉलेज में स्थापित तीन ऑक्सीजन प्लांट में से केवल दो ही ऑक्सीजन उत्पादित कर पाए। जबकि एक प्लांट में ऑक्सीजन लीक हो गई। मेडिकल कॉलेज की तरफ से डॉ. सुशील शर्मा, डॉ. देवेंद्र बोरा मॉक ड्रिल में शामिल रहे। मॉक ड्रिल के संबंध में प्राचार्य अरविंद त्रिवेदी ने बताया अभी तक उनके पास मॉक ड्रिल की फाइनल रिपोर्ट नहीं आई है। मॉक ड्रिल में शामिल टीम ने उनको अवगत कराया था कि एक ऑक्सीजन प्लांट में कुछ गड़बड़ी पाई गई है। इसे ठीक कराने के लिए कंपनी से पत्राचार कर अवगत करा दिया गया है। जल्दी खामियों को दुरुस्त कर दिया जाएगा। प्राचार्य ने यह भी बताया कि ऑक्सीजन प्लांट के अलावा ऑक्सीजन सिलिंडर का भी काफी बड़ा भंडार मेडिकल कॉलेज के पास संग्रहित है।
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