देवबंद। हिंदू रक्षा दल के उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा ने 11 अगस्त को दारुल उलूम में जल चढ़ाने का एलान किया है। इसके बाद से पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। वहीं, अपने विवादित बयानों और प्रदर्शनों को लेकर ललित शर्मा पहले भी चर्चाओं में रहे हैं। विवादित बयान की वजह से उन पर उत्तराखंड में प्राथमिकी तक दर्ज हो चुकी है।
बता दें कि ललित शर्मा ने आठ अगस्त को सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी करके कहा कि वह 11 अगस्त को दारुल उलूम पहुंचकर जल चढ़ाएंगे। उनका दावा है कि दारुल उलूम परिसर में करीब 14 फीट नीचे शिव मंदिर और शिवलिंग मौजूद हैं। मई में भी ऐसा दावा करते हुए उन्होंने प्रशासन से वैज्ञानिक जांच और खोदाई कराने की मांग की थी। प्रशासन की ओर से उनके दावे की जांच के संबंध में प्रक्रिया की बात कही गई थी।
जून में देहरादून के सहसपुर क्षेत्र के बैरागीवाला गांव में सिंचाई के पानी को लेकर हुए विवाद में भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिला मीडिया प्रभारी विनोद कुमार की मौत के बाद ललित शर्मा पर कथित भड़काऊ और सांप्रदायिक टिप्पणी करने का आरोप लगा था। इस मामले में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी।
जून में शामली के एक कथित धर्मांतरण प्रकरण को लेकर उन्होंने प्रदर्शन और आत्मदाह की घोषणा की थी। बाद में उनके नेतृत्व में हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने शामली रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन किया था। दिल्ली के उत्तम नगर में युवक तरुण की हत्या के बाद मार्च में भी उनके नाम से कथित तौर पर ईद के दौरान खून की होली खेलने जैसी चेतावनी सामने आई थी।
-
दारुल उलूम की चुप्पी, पुलिस प्रशासन मुस्तैद
जल चढ़ाने की चेतावनी के मामले में दारुल उलूम ने कुछ भी कहने से मना कर दिया, लेकिन पुलिस प्रशासन सतर्क है। हालांकि कांवड़ यात्रा के चलते जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती है। वहीं, खुफिया विभाग के अधिकारी भी ललित शर्मा की चेतावनी के बाद सक्रिय हो गए हैं।
-
किसी को भी कानून हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा। माहौल खराब करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।
- अमित कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी, देवबंद।