सहारनपुर। पठन-पाठन के अनूठे तरीकों से शिक्षक कई तरह के बड़े पुरस्कार पाते रहे हैं। मगर कुछ शिक्षक ऐसे होते हैं, जो अपने कार्यों के जरिए बच्चों का भविष्य संवारने को ही अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि और सफलता मानते हैं। इन्हीं में से एक हैं बनारसी दास इंटर कॉलेज खेड़ा मुगल के सहायक अध्यापक अंब्रीश कुमार।
अंब्रीश कुमार ने कोरोना काल में जिस तरह से इंटरनेट के माध्यम से ना केवल बच्चों तक पहुंच बनाई, बल्कि उनको सरल तरीके से पढ़ाने में सफल भी रहे। अंब्रीश कुमार बताते हैं कि सूचना प्रौद्योगिकी से उनका शुरू से ही गहरा लगाव रहा है। विद्यालय की वेबसाइट, यू-ट्यब चैनल, फेसबुक अकाउंट, ट्वीटर आदि सोशल साइट्स पर शैक्षणिक अकाउंट बनाकर वह शिक्षा के उजियारे को बच्चों तक पहुंचाते रहे हैं। कोरोना काल में विज्ञान की कक्षाओं का संचालन एक अप्रैल 2020 से बालक एवं बालिकाओं के अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर शुरू किया। इतना ही नहीं, सरकार शुरू चलाए जा रहे ई-ज्ञानगंगा और वर्चुअल स्कूल में भी उनका बड़ा योगदान है। प्रदेश स्तर पर उनके कई वीडियो चयनित किए गए हैं, जिनका प्रसारण जल्द ही दूरदर्शन चैनल पर होने की संभावना है। बकौल अंब्रीश कुमार इस वर्ष जनपद स्तर से उनका चयन राष्ट्रीय अध्यापक पुरस्कार के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक, एडी बेसिक, जिलाधिकारी, जेवी जैन कॉलेज के प्राचार्य एवं बेसिक शिक्षा अधिकारी के संयुक्त पैनल द्वारा किया गया है। इसी वर्ष जिलाधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, डायट प्राचार्य, एवं प्रधानाचार्य राजकीय इंटर कॉलेज के निर्णायक मंडल द्वारा मंडल स्तर के लिए राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए भी चयन किया गया।