फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पितरों का तर्पण कर दें श्रद्धा पूर्वक विदाई

विज्ञापन
विज्ञापन
पितरों का तर्पण कर दें श्रद्धा पूर्वक विदाई
विज्ञापन

सहारनपुर। आज पितृ पक्ष की अमावस्या है। सुबह के समय श्रद्धा पूर्वक पितरों का तर्पण कर भोजन अर्पित करें और शाम के समय दीप जलाकर कर उन्हें विदाई दें। इससे पितृ प्रसन्न होते हैं और पूरे वर्ष पितरों की कृपा बनी रहती है। अगर किसी पितृ का नाम और देहवासन की तिथि अज्ञात है तो भी अमावस्या पर उन पितरों की तृप्ति हो जाती है।
विज्ञापन

श्री बालाजी धाम के संस्थापक अतुल जोशी महाराज ने बताया कि अमावस्या के दिन पितरों को तर्पण करना आवश्यक है। पितरों का नाम लेकर दक्षिण दिशा में जल अर्पित करें। सुबह के समय शुद्ध होकर पितरों को अर्पित कर ब्राह्मण को भोजन कराएं। शाम के समय दक्षिण दिशा में सरसों के तेल का दीपक जलाकर पितरों को विदाई दें। आचार्य पंडित रोहित वशिष्ठ ने कहा कि अमावस्या पर विधिपूर्वक किए तर्पण से पितरों की तृप्ति होती है। अतुल जोशी महाराज ने बताया कि इस बार नवरात्र एक माह देरी से आएंगे। अमावस्या के बाद शुक्रवार को अधिमास यानी पुरूषोत्तम मास शुरू हो जाएगा। इस माह में गीता का 15वें अध्याय का अनुसरण करने से मनुष्य को शांति, सुख, वैैभव और कीर्ति प्राप्त होगी।
विज्ञापन

इन बातों का रखें ध्यान
- भोजन पत्ते पर रखकर गाय और कुत्ते को खिलाएं।
- भोजन भूमि या छत पर डालकर कोए को दें।
- पत्ते पर रखकर देवताओं के लिए अन्न निकाले और गाय को खिलाएं।
- चींटी लिए भी भोजन निकालें।
- अग्नि के लिए भोजन निकालकर थोड़ा अन्न अग्नि में डालकर शेष अन्न गाय को खिलाएं।
- इन सबके बाद ब्राह्मण को भोजन कराएं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें