सहारनपुर शहर के बीच संचालित डेयरियों को बाहर शिफ्ट करने के लिए 150 बीघा जमीन पर दुग्ध डेयरी क्लस्टर का निर्माण होगा। इसकी डीपीआर बन चुकी है और तीन स्थानों पर जमीन देख ली गई है। क्लस्टर में डेयरी स्थापित करने के लिए डेयरी संचालक खुद जमीन खरीदेंगे, जबकि कुछ व्यवस्थाएं नगर निगम को करके देनी हैं। बाकी डेयरी संचालक बैंक से ऋण लेकर करेंगे।
दुग्ध डेयरी कुटीर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए दुग्ध डेयरी कलस्टर को विकसित करने की तैयारी है। दुग्ध महासंघ और आईआईए की तरफ से दुग्ध कलस्टर फैसिलिटेटर द्वारा इसका प्रस्ताव निगम को दिया गया है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 10 से 12 करोड़ रुपये खर्च होने हैं, जिसके लिए डेयरी संचालकों को बैंकों से ऋण दिलाया जाएगा। कलस्टर में आंतरिक सड़कें, नालियां, शेड, गोबर गैस संयंत्र, विद्युत व्यवस्था और चहारदीवारी की सुविधा नगर निगम से कराने की अपेक्षा की जा रही है।
इसलिए जरूरी है डेयरी क्लस्टर
शहर में 1000 से ज्यादा डेयरियां संचालित हैं। एक डेयरी में करीब 25 से 30 पशुओं का पालन हो रहा है। स्मार्ट सिटी योजना में भी डेयरियों को शिफ्ट किया जाना है, क्योंकि डेयरियों से निकलने वाले गोबर से नालियां जाम हो जाती हैं, जिससे प्रदूषण को बढ़ावा मिलता है। इसी कारण राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण भी डेयरियों को शिफ्ट करने की हिदायत दे चुका है। वहीं, एक साल पूर्व निगम ने 750 डेयरी संचालकों के चालान काटे थे, तब डेयरी संचालकों ने हंगामा कर विरोध किया था, लेकिन बाद में दुग्ध डेयरी क्लस्टर की स्थापना पर डेयरी संचालकों ने सहमति जताई।
ये हैं डीपीआर के मुख्य बिंदु
1000 पशुओं के रखने की व्यवस्था डेयरी क्लस्टर में होगी।
100 डेयरी संचालकों को पहले चरण में जोड़ा जाएगा।
3.5 करोड़ रुपये में खरीदी जाएगी 150 बीघा जमीन ।
05 करोड़ रुपये शेड, रोड, विद्युत व्यवस्था पर खर्च होंगे
2.5 करोड़ रुपये में दूध निकालने की मशीनों की खरीद
02 करोड़ रुपये दूध प्रसंस्करण और पैकिंग व्यवस्था के लिए
01 करोड़ रुपये में पशु आहार का प्लांट लगाया जाएगा।
02 करोड़ रुपये पशुओं के नीचे मैट बिछाने और अन्य कार्यों पर खर्च होंगे।
यह भी पढ़ें: थाने पहुंचा तीन फीट का अजीम, पुलिस से लगाई शादी की गुहार, तस्वीरों के साथ जानें पूरा मामला