सहारनपुर। नगर निगम की संपत्तियों का वर्षों से किराया न चुकाने वालों का आवंटन रद्द किया जाएगा। उसके बाद भी संपत्ति को खाली नहीं किया तो नगर निगम संबंधित के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी करेगा।
महानगर में नगर निगम की सैकड़ों व्यावसायिक एवं आवासीय संपत्तियां हैं, जिनमें बड़ी संख्या में दुकानें शामिल हैं, जो पॉश क्षेत्रों में हैं। अनेक आवंटी ऐसे हैं, जिन्हें किराया न चुकाने पर अक्सर नोटिस जारी किए जा चुके हैं। अनेक संपत्तियों के किरायेदारों/आवंटियों द्वारा बीते कई वर्षों से किराये की धनराशि जमा नहीं कराई गई है। इसकी वजह से नगर निगम को राजस्व का नुकसान हो रहा है। इस संबंध में जोनल अधिकारियों को नगर आयुक्त शिपू गिरि की ओर से पहले भी निर्देश दिए गए हैं, लेकिन वसूली को लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया।
अब फिर से नगर आयुक्त की ओर से जोनल अधिकारियों को वसूली बढ़ाने अन्यथा की स्थिति में संबंधित का आवंटन निरस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। जोनल अधिकारियों को संपत्तियों का भौतिक सत्यापन भी करने को कहा गया है, जिससे पता चल सके कि संपत्ति किस स्थिति में है। भौतिक सत्यापन के दौरान ही अधिकारी बकायेदारों की सूची भी तैयार करेंगे। उधर, नगर आयुक्त शिपू गिरि ने बताया कि जो भी संपत्तियां किराये पर हैं। उनसे शत-प्रतिशत वसूली का प्रयास है, जिससे कि नगर निगम को राजस्व प्राप्त हो सके।
-सात दिन का दिया जाएगा नोटिस
नगर आयुक्त ने कहा है कि जो भी बकायेदार हैं। उन्हें सात दिन में बकाया जमा करने का नोटिस जारी किया जाए। यदि संबंधित आवंटी द्वारा निर्धारित समय-सीमा में बकाया का निस्तारण नहीं किया जाता है तो नियमानुसार आवंटन निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाए और बकाया धनराशि की वसूली राजस्व वसूली अधिनियम के तहत की जाए। आवंटन निरस्तीकरण के बाद भी यदि कोई आवंटी संपत्ति खाली नहीं करता है तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए।
-दोबारा निर्धारित होगा किराया
नगर आयुक्त ने अपर नगर आयुक्त प्रथम जो नोडल अधिकारी राजस्व भी हैं को किराये का दोबारा निर्धारण करने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि अनेक संपत्तियों का किराया निर्धारण बहुत पहले किया गया था, जो वर्तमान बाजार दरों को नहीं दर्शाता है। ऐसे में किराया पुनर्निर्धारण की प्रक्रिया अपनाई जाए।