सहारनपुर। योगी सरकार के जीरो टॉलरेंस के दावों को अधिकारी पलीता लगा रहे हैं। भाजपा के ही विधायक देवेंद्र निम ने आवास विकास परिषद की शाकुंभरी विहार योजना में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। विधानसभा में उठाने के साथ ही अब उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत भी की है। इसके बाद से परिषद अधिकारियों में खलबली है। स्थानीय स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है।
विधायक देवेंद्र निम का आरोप है कि उनकी विधानसभा क्षेत्र में आवास विकास परिषद की शाकुंभरी विहार योजना-8 में बड़ी अनियमितताएं बरती गई हैं। उन्होंने 16 दिसंबर 2024 को शिकायत की थी, साथ ही सूचना मांगी थी, जिसकी जांच उप आवास विकास आयुक्त, मेरठ द्वारा कराई गई। जांच रिपोर्ट में पाया गया कि अनेक व्यक्तियों (जिनके पास एक या उससे अधिक पावर ऑफ अटॉर्नी थी) को बचाने के उद्देश्य से विभिन्न आय वर्ग की सूची अलग-अलग बनाई गई है। साथ ही कुछ पावर ऑफ अटॉर्नी को दर्शाया ही नहीं गया है।
2बी/179, 2बी/130 व 38/40 की पावर ऑफ अटॉर्नी एक ही नाम में हैं, लेकिन अलग-अलग आय वर्ग की सूची अलग बनाकर बचाने का प्रयास किया गया है, जबकि पूरी योजना एक ही है। जो लोग दोषी पाए गए हैं उनके विरुद्ध भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
उन्होंने बताया कि जांच में यह भी पाया गया है कि कुछ भवनों का निरस्तीकरण एक से छह महीने में कर दिया गया। साथ ही कुछ का चार से पांच वर्ष में किया गया, जबकि कुछ संपत्तियों (जिनकी पावर ऑफ अटॉर्नी दी गई थी) उनका निरस्तीकरण किया ही नहीं गया।
वर्षों बाद एक मुश्त भुगतान प्राप्त कर रजिस्ट्री कर दी गई। ऐसी संपत्तियों के बारे में जांच में कुछ नहीं कहा गया। ऐसे भुगतान किन बैंक खातों से किए गए इसकी जांच कराया जाना अभी बाकी है। उन्होंने उच्च स्तरीय जांच समिति बनाकर पूरे प्रकरण की जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग मुख्यमंत्री से की है।