युवती के साथ फैक्ट्री में काम करता था युवक
युवती के भाई गंभीर हालत में गांव के बाहर डालकर हुए फरार
संवाद न्यूज एजेंसी
छुटमलपुर। प्रेमिका द्वारा शादी करने से मना करने और उसके भाइयों द्वारा भला बुरा कहने पर क्षुब्ध हुए युवक ने उसके घर जाकर जहर खा लिया। गंभीर हालत में प्रेमिका के भाई युवक को उसके गांव के बाहर सड़क पर छोड़ गए। सूचना पर परिजन युवक को लेकर सहारनपुर अस्पताल पहुंचे जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। युवक की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक के पिता ने थाने पर प्रेमिका और उसके दो भाइयों के खिलाफ तहरीर दी है।
उत्तराखंड के हरिद्वार जनपद के भगवानपुर थाने के गांव मंडावर निवासी अंकित (22) पुत्र रामनाथ सैनी और सहारनपुर के फतेहपुर थाने के गांव भटपुरा निवासी अनुसूचित समाज की युवती भगवानपुर क्षेत्र की एक फैक्ट्री में काम करते थे। अंकित के पिता रामनाथ द्वारा थाने में दी तहरीर के अनुसार अंकित और युवती के बीच प्रेम प्रसंग था और दोनो शादी के लिए तैयार थे। आरोप है कि युवती के दोनों भाई शादी का विरोध कर रहे थे। शनिवार की शाम अंकित भटपुरा पहुंचा जहां युवती और उसके भाईयों ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया। इससे क्षुब्ध होकर उसने जहर खा लिया। गंभीर होने पर युवती के भाई उनके बेटे को बाइक पर बैठा कर मंडावर गांव के बाहर क्वांटम कॉलेज के सामने छोड़ कर फरार हो गए। उसके शरीर पर चोटों के निशान भी थे।
गांव के युवक की सूचना पर वे मौके पर पहुंचे और अंकित को गंभीर हालत में लेकर सहारनपुर अस्पताल पहुंचे। जहां से उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। रास्ते में उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजन उसे लेकर अपने घर आ गए। रविवार की सुबह वे भगवानपुर थाने की पुलिस चौकी मंडावर पहुंचे। जहां की पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर रुड़की में पोस्टमार्टम कराया। देर शाम अंतिम संस्कार करने के बाद मृतक के परिजन भगवानपुर विधायक ममता राकेश, ग्राम प्रधान वेदपाल सैनी, डॉ. देवराज पुंडीर और प्रवीण राणा के साथ फतेहपुर थाने पहुंचे। जहां तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। उधर थानाध्यक्ष सतेंद्र नागर ने बताया कि तहरीर मिली है। जांच कर रिपोर्ट दर्ज की जा रही है।
पिता के बुढ़ापे की लाठी टूटी
मृतक के परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। पिता मजदूरी करते हैं और एक भाई दिव्यांग है। वह चल फिर भी नहीं सकता है। दो अविवाहित बहनें हैं। युवक की मौत के बाद उसकी मां और बहनों का रो-रो कर बुरा हाल था। वे बेसुध हुई जा रही थी। पिता भी गुमसुम थे। उनकी बुढ़ापे की लाठी टूट गई थी। युवक की मौत के बाद गांव में शोक का माहौल रहा। आस पड़ोस में चूल्हे तक नहीं जले। बड़ी संख्या में ग्रामीण मृतक के परिजनों को ढांढस बंधाने पहुंच रहे थे।