सहारनपुर। सब्जियों के बढ़ते भाव के चलते रसोई का बजट मंहगा हो गया है। आलू और प्याज के साथ ही अब टमाटर भी लाल हो गया। इससे पहले से महंगाई का सामना कर रहे लोगों के खर्च में इजाफा होगा।
महाराष्ट्र में हुई बारिश का असर यहां तक दिखाई दे रहा है। वहां से प्याज और टमाटर आता है। प्याज के भाव में पिछले एक सप्ताह में जहां 15 रुपये प्रति किलो की बढ़ोत्तरी हुई है, वहीं टमाटर का रेट भी करीब 10 रुपये प्रति किलो बढ़ा है। आलू का भाव भी गत सप्ताह से पांच रुपये प्रति किलो बढ़ गया है। स्थानीय सब्जियों के रेट लगभग पिछले सप्ताह वाले ही हैं।
मंडी में सब्जियों के 17 अक्तूबर के थोक एवं फुटकर भाव (रुपये में)
सब्जी--------- थोक भाव------- फुटकर भाव
आलू----------18 से 25---------- 30 से 40
प्याज--------- 20 से 34---------- 30 से 40
टमाटर---------20 से 22---------- 30 से 35
लौकी-----------10 से 12--------- 15 से 20
गोभी-----------20 से 25---------- 25 से 30
कददू------------08 से 10--------- 10 से 15
बैंगन------------06 से 09--------- 10 से 15
24 अक्तूबर को मंडी में सब्जियों के थोक एवं फुटकर भाव (रुपये में)
सब्जी----------- थोक भाव---------- फुटकर भाव
आलू------------18 से 28------------35 से 45
प्याज-----------30 से 45------------40 से 55
टमाटर----------24 से 28------------35 से 45
लौकी-----------10 से 12-------------15 से 22
कददू------------08 से 10-------------10 से 15
गोभी------------20 से 25-------------25 से 30
बैंगन------------06 से 09-------------10 से 15
यहां से आती हैं सब्जियां
मंडी में स्थानीय के साथ ही दूसरे राज्यों से सब्जियां आती हैं। आलू लुधियाना, पीपली, खन्ना, जगरावां। प्याज इंदौर, नासिक, सीकर, जोधपुर एवं गोंडल से आ रही है। जबकि हरी मिर्च बरेली , आगरा एवं प्रयागराज से आ रही है। टमाटर भी महाराष्ट्र के नासिक जनपद से आ रहा है।
मंडी सचिव अशोक गुप्ता ने बताया कि महाराष्ट्र में बारिश के चलते टमाटर की फसल प्रभावित हुई है। अधिकतर प्याज भी महाराष्ट्र से आ रही है। बारिश के रेट बढे़ हैं। शनिवार को अलवर से प्याज आई है। दो तीन दिन में भाव सही होने की संभावना है। आलू के भाव नई फसल आने तक तेजी रह सकते हैं।