सहारनपुर के बड़गांव में बसपा प्रमुख मायावती के शब्बीरपुर दौरे के बाद फैली अशांति पर काबू पाने के लिए बुधवार को लखनऊ से प्रमुख सचिव गृह गांव में पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत की और हालात का जायजा लिया।
उन्होंने 24 से 48 घंटे में क्षेत्र में अमन बहाली का भरोसा दिलाते हुए किसी भी राजनीतिक दल के लोगों के गांव में प्रवेश पर रोक लगा दी है। इस दौरान राजपूत पक्ष की महिलाओं ने गृह सचिव का घेराव कर प्रशासन पर नाकामी के आरोप लगाए।
शब्बीरपुर गांव में मायावती के दौरे के बाद भड़की हिंसा की गूंज लखनऊ तक पहुंच गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने मामले को संज्ञान में लेते हुए बुधवार को प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह एमपी मिश्रा को शब्बीपुर भेजा।
सुबह बड़गांव पहुंचे एमपी मिश्रा ने पुलिस और प्रशासन के अफसरों के साथ शब्बीरपुर सहित क्षेत्र के कई गांवों का भ्रमण कर स्थिति को परखा। प्रमुख सचिव गृह के शब्बीरपुर पहुंचने पर वहां मौजूद राजपूत पक्ष की सैकड़ों महिलाओं ने उनका घेराव करते हुए प्रशासनिक और पुलिस अफसरों पर नाकामी के आरोप लगाए।
आरोप लगाया कि मायावती के शब्बीरपुर आगमन के दौरान उनके घरों में भीम आर्मी द्वारा की गई तोड़फोड़ व आगजनी को रोक पाने में पुलिस विफल रही है। बलवाई पुलिस के सामने ही तांडव मचाते रहे।
गृह सचिव में पुलिस प्रशासन की नाकामी को स्वीकार करते कहा कि कानून को हाथ में लेने वालों को किसी भी सूरत में बक्शा नहीं जायेगा। दोषियों पर प्रभावी कार्यवाही करने के साथ ही अगले 24 से 48 घंटों में क्षेत्र में अमन बहाली का आश्वासन दिया।
गृह सचिव ने विवाद की जड़ आपसी अविश्वास बताते हुए कहा कि लोग एक दूसरे पर विश्वास रखे। प्रशासन भी जनता में कानून के प्रति विश्वास पैदा करने में कोई कसर बाकि नहीं रखेगा।
प्रमुख सचिव गृह ने मायावती के कार्यक्रम पर कोई टिप्पणी न करते हुए कहा कि गांव में शांति बहाली तक किसी भी राजनीतिक दल के लोगों को अब गांव में घुसने नहीं दिया जायेगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों पर भी कार्यवाही करने की बात कही।
लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और आपसी सामंजस्य स्थापित करें। उनके साथ एडीजी कानून व्यवस्था आदित्य मिश्रा, एसटीएफ के आईजी अमिताभ यश, एडीजी मेरठ जोन आनन्द कुमार, डीएम एनपी सिंह, एसएसपी सहारनपुर सुभाष दूबे और एसएसपी मुजफ्फरनगर मौजूद रहे।