सहारनपुर के बड़गांव थाना क्षेत्र में जातीय बवाल में जान गंवाने वाले युवक का बेहद तनावपूर्ण माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस प्रशासन ने अंतिम संस्कार में बवाल की आशंका को देखते हुए बेहद सावधानी बरती।
पुलिस बुधवार को दिन निकलते ही सुबह 5 बजे परिजनों को साथ लेकर गांव के शमशान गृह पहुंच गयी जहां भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में पिता ने मुखाग्नि दी।
इस बीच पूरा गांव छावनी में तब्दील हो गया। हालांकि युवक की मौत को लेकर दलित वर्ग में गुस्सा साफ नजर आ रहा था लेकिन गांव के प्रधान प्रतिनिधि ने बेहद समझदारी दिखलाते हुए सभी को शांत कर दिया।
वहीं गांव में पुलिस तथा पीएसी की मौजूदगी में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा रहा। मंगलवार को बसपा प्रमुख मायावती के शब्बीरपुर दौरे के बाद वापस लौट रहे लोगो पर किये गये हमने में सरसावा थाना क्षेत्र के करीब एक दर्जन लोग घायल हो गये थे जिसमें एक युवक की गोली लगने से रात मौत हो गयी थी।
मृतक युवक सरसावा थाना ग्राम सुआंखेड़ी का आशीष पुत्र मेघराज 19 वर्ष था। क्षेत्र में युवक की मौत की जानकारी मिलने के बाद दलित वर्ग में तनाव साफ देखा जा सकता था जिससे पुलिस पर भी दबाव नजर आ रहा था।
युवक के शव के गांव आने के बाद तनाव होने का खतरा देखकर पुलिस चौकन्नी हो गयी। पुलिस ने बुधवार सुबह 5 बजे परिजनों को शव सौंपा तथा सीधे शमशान घाट ले गयी और अंतिम संस्कार करा दिया।
इससे पूर्व गांव पूरी तरह से छावनी में तब्दील हो गया। गांव आने के दोनों रास्तों पर पीएसी तथा पुलिस के जवान खड़े हो गए तथा जो जांच कर ही किसी को गांव को आने जाने दे रहे थे।
मृतक की मां परिवार की महिलाओं के साथ बैठी मातम मना रही थी। उन्होंने बताया कि आशीष उनका मंझला पुत्र था जो मंगलवार को किसी युवक के साथ ये कहकर गया था।
कि शाम तक लौट आयेगा। गांव के लोगों ने बताया कि आशीष का परिवार मजदूरी कर अपना भरण पोषण करता है। पिता मुआवजे का चेक लेने सहारनपुर गया हुआ है। शाम के समय हरोड़ा के पूर्व बसपा विधायक जगपाल भी गांव पहुंचे तथा मृतक के परिजनों को सांत्वना दी। एसपी सीटी, एसडीएम दो सीओ तथा एसओ की गांव में आवाजाही रही।