इस मौके पर उन्होंने दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी से हदीस का अंतिम पाठ पढ़ा और मानद उपाधि हासिल की। संस्था के मेहमानखाने में हुई मुलाकात के दौरान जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी, मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी समेत प्रमुख उलमा मौजूद रहे।
बैठक में अफगानी छात्रों के लिए एजुकेशन वीजा समेत अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई। हालांकि छात्रों की अधिक भीड़ के कारण सुरक्षा कारणों से मुत्ताकी का छात्रों को संबोधन रद्द कर दिया गया। इसके चलते उन्हें निर्धारित समय से करीब डेढ़ घंटे पहले ही दिल्ली लौटना पड़ा।