सहारनपुर। नवरात्रों को देखते हुए मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर अंकुश लगाने की कवायद शुरू कर दी गई है। 14 अक्तूबर से अभियान की शुरूआत होगी, जो 23 अक्तूबर तक चलेगा। इसके लिए औषधि खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की दस सदस्यीय टीम गठित हो गई। ऐसे में मिलावटखोरों की नहीं खैर नहीं है।
नवरात्रों में कुट्टू का आटा, सिंगाड़े का आटा और समा के चावल की बिक्री बढ़ जाती है। इस दौरान मिलावटखोरी भी की जाती है। इसकी रोकथाम के लिए मुख्य खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त के आदेश और जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र के निर्देश पर विभाग की ओर से अभियान चलाया जाएगा। इसकी शुरूआत 14 अक्तूबर से होगी। सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय पवन कुमार ने कहा कि नवरात्रों में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री नहीं होने दी जाएगी। इस अभियान के लिए मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के नेतृत्व में दस खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की एक टीम गठित कर दी है।
कुट्टू का आटा खाने से बीमार पड़े चुके हैं लोग
पिछले साल अप्रैल महीने में कुट्टू का आटा खाने से गागलहेड़ी के गांव हरियाबांस में 20 से अधिक लोग बीमार पड़ गए थे। इन्होंने नवरात्रि का व्रत खोलने के बाद कुट्टू के आटे के व्यंजन बना कर खाये थे। सभी को चक्कर, उल्टी, कमजोरी महसूस हुई थी। इसके बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने क्षेत्र में छापेमारी कर कुट्टू के आटे के सैंपल लिए थे। ऐसे में लोग कुट्टू का आटा चेक कर खरीदें।