- टेंपो व ई-रिक्शा में छात्रों को क्षमता से अधिक बैठाने पर की कार्रवाई, 2.55 लाख जुर्माना
- संभागीय परिवहन विभाग और यातायात पुलिस ने चलाया संयुक्त चेकिंग अभियान अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। स्कूली छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। शुक्रवार को संभागीय परिवहन विभाग व यातायात पुलिस ने संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया। नाबालिगों के वाहन चलाने पर 42 चालान किए। क्षमता से अधिक छात्राें को बैठाने पर चार टेंपो व ई-रिक्शा को सीज किया। 2.55 लाख रुपये जुर्माना लगाया।
बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी मनीष बंसल ने परिवहन सुरक्षा समिति की ऑनलाइन बैठक ली थी। निर्देश दिए थे कि नाबालिग छात्रों के वाहन चलाने पर अभिभावकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसी के तहत शुक्रवार को एसपी यातायात सिद्धार्थ वर्मा व एआरटीओ प्रवर्तन एमपी सिंह के नेतृत्व में टीम ने दिल्ली रोड, अंबाला रोड, छुटमलपुर, गागलहेड़ी में चेकिंग अभियान चलाया।
टेंपो व ई-रिक्शा में क्षमता से अधिक छात्र-छात्राओं के बैठाने पर चालान किए। ऐसे कुल 42 वाहनों के चालान कर 2.55 लाख का जुर्माना लगाया। मानक पूरे नहीं होने पर चार ई-रिक्शा व टेंपो सीज किए गए।
25 हजार का जुर्माना, तीन साल की सजा का प्रावधान
एसपी यातायात सिद्धार्थ वर्मा ने बताया कि नाबालिगों को वाहन चलाते पाया गया तो अभिभावकों पर 25 हजार रुपये जुर्माना व तीन साल की जेल का प्रावधान है। साथ ही उस वाहन का रजिस्ट्रेशन 12 महीने के लिए निलंबित कर दिया जाएगा। नाबालिग को 25 वर्ष की आयु तक ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अपात्र घोषित किया जा सकता है। एआरटीओ प्रवर्तन एमपी सिंह ने कहा कि अभिभावक अपने नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने न दें। बच्चों का जीवन खतरे में न डालें।