सहारनपुर। विधानसभा चुनाव के लिए प्रशासन ने उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों का अधिग्रहण शुरू कर दिया है। जैसे जैसे चुनाव प्रक्रिया चलते वैसे ही बसों की डिमांड बढ़ती जाएगी। अभी सात बसें प्रशासन ने मांग ली है, मतदान तक इनकी संख्या 60 तक होगी। ऐसे में डिपो के बेड़े में बसें कम होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। लंबी दूरी की बसों को चुनाव ड्यूटी में लगाए जाने से लंबे रूट की बसों का संचालन प्रभावित होगा।
सहारनपुर रोडवेज डिपो के बेडे़ में वर्तमान में 199 बसें शामिल है। जिनमें से 166 निगम की और 33 बसें अनुबंधित है, लेकिन निगम की अधिकांश बसें सही कंडीशन में नहीं है। 166 बसों में से केवल 44 बसें की नई है, जिन्हें लंबी दूरी के रूट लखनऊ, गोरखपुर, दिल्ली, देहरादून, आगरा पर लगाया गया है, जबकि पुरानी बसों को लोकल मार्ग पर चलाया जा रहा है। अब विधानसभा चुनाव में मतदान कर्मियों को लाने और ले जाने, सुरक्षाकर्मियों को लाने और ले जाने के लिए अच्छी कंडीशन की बसें चाहिए। जनपद का फोर्स और अन्य सुरक्षा बल यहां 14 फरवरी के मतदान के बाद के अन्य जिलों में इन्हीं बसों से भेजा जाएगा। ऐसे में नई बसें ही डिपो की ओर से प्रशासन को उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन ने चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही सात बसें अधिग्रहीत कर ली हैं। बाकी करीब 55 बसों से अधिक की डिमांड रहेगी। डिपो के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी उपेंद्र शर्मा ने बताया कि प्रशासन की डिमांड के अनुसार निगम की अच्छी कंडीशन की नई बसें भेजी जा रही है। जैसे-जैसे मांग आएगी बसों को भेजा जाएगा। ऐसे में लंबी दूरी की बसों का संचालन प्रभावित होना हाजमी है। लोकल मार्ग पर भी संचालन बाधित होगा, इन हालात में जो बसें बचेगी उन्हें ही लोकल मार्ग पर चलाया जाएगा। जिससे यात्रियों को परेशानी तो होगी। फिर भी प्रयास किया जाएगा कि सभी मार्गों पर बसों के फेरे बढ़ा दिए जाएं।