गजवा-ए-हिंद मामले में प्रशासन ने राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) को रिपोर्ट भेज दी है। प्रशासन ने इसमें रिपोर्ट दर्ज न किए जाने का जिक्र भी किया है। वहीं, बृहस्पतिवार को दारुल उलूम में हुई मजलिस-ए-शूरा बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई की गई तो वह निश्चित तौर पर अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।
दरअसल, राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग ने 22 फरवरी को सहारनपुर डीएम डॉ. दिनेश चंद्र को पत्र भेजकर दारुल उलूम के खिलाफ कार्रवाई के लिए आदेश दिए थे। इसमें दारुल उलूम की वेबसाइट पर वर्ष 2015 में लिए गए एक फतवा का जिक्र करते हुए कहा गया था कि दारुल उलूम ने गजवा-ए-हिंद को लेकर जो जवाब दिया है वह देशद्रोह की श्रेणी में आता है।